नई दिल्ली/गढ़वा, 1 अक्टूबर 2026 : दिल्ली के मुनिरका स्थित पुराने झारखंड भवन में 29 सितंबर 2026 की रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। पलामू के पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के छह सदस्य लिफ्ट में करीब एक घंटे तक फंसे रहे। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और सभी लोग बेहोश हो गए। बाद में उन्हें रेस्क्यू कर बसंत विहार के होली एंजिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो अलग-अलग लिफ्ट में सवार था परिवार
घूरन राम के मुताबिक वह अपनी पत्नी और परिवार के कुछ सदस्यों के साथ झारखंड भवन में ठहरे थे। परिवार के सदस्य दो अलग-अलग लिफ्ट में सवार हुए थे। जिस लिफ्ट में घूरन राम और उनकी पत्नी थे, उसमें भी परेशानी आई, मगर कुछ देर बाद वह सामान्य हो गई। दूसरी लिफ्ट में परिवार के छह सदस्य सवार थे। नीचे जाते समय लिफ्ट अचानक रुक गई और उसका दरवाजा नहीं खुला। अंदर फंसे लोगों ने बाहर निकलने की भरपूर कोशिश की, लेकिन काफी देर तक सफलता नहीं मिली।
करीब एक घंटे तक फंसे रहे, छह लोग हुए बेहोश
लिफ्ट में लंबे समय तक फंसे रहने के बाद परिवार के सदस्यों की हालत बिगड़ने लगी। बेटे-बहू समेत छह लोग बेहोश हो गए। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू की कोशिश शुरू हुई और किसी तरह लिफ्ट खोलकर सभी को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी छह लोगों को तत्काल होली एंजिल्स अस्पताल, बसंत विहार ले जाया गया। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के बाद परिवार के सदस्यों की स्थिति में सुधार हुआ।
टेक्निकल स्टाफ नहीं होने का आरोप
पूर्व सांसद घूरन राम ने झारखंड भवन की व्यवस्था और लिफ्ट के रखरखाव पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के समय मौके पर पर्याप्त तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने मामले की CCTV फुटेज भी मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लिफ्ट किस वजह से फंसी और रेस्क्यू में कितना समय लगा। हालांकि लिफ्ट फंसने की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। झारखंड भवन से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि लिफ्ट की क्षमता चार लोगों की थी, जबकि घटना के समय उसमें छह लोग सवार थे। इसलिए ओवरलोडिंग को संभावित कारण बताया गया है।
दिल्ली पुलिस को घटना की जानकारी बाद में मिली
रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना के दिन झारखंड भवन की ओर से पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी और पुलिस को मामले की जानकारी बाद में मिली। इससे घटना के बाद सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। फिलहाल घटना ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन की लिफ्ट सुरक्षा, रखरखाव और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व सांसद घूरन राम ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।




