वॉशिंगटन, 17 अगस्त 2026 : अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस से महज 200 मीटर दूर एक ऐतिहासिक इमारत की खरीद को लेकर सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़े बताए जा रहे फिलिप किउ (Philip Qiu) ने अपने पारिवारिक फाउंडेशन के जरिए सिक्योरिटीज बिल्डिंग को 84 लाख डॉलर में खरीदा है। रिपोर्ट के अनुसार यह सौदा 21 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। इमारत की बेहद संवेदनशील लोकेशन और खरीदार की कथित पृष्ठभूमि को देखते हुए अब अमेरिकी एजेंसियों से इस सौदे की जांच की मांग उठ रही है।
व्हाइट हाउस से सिर्फ 650 फीट दूर है इमारत
जिस सिक्योरिटीज बिल्डिंग को खरीदा गया है, वह व्हाइट हाउस परिसर से करीब 650 फीट यानी लगभग 200 मीटर की दूरी पर बताई जा रही है। इतनी संवेदनशील जगह के पास किसी विदेशी देश से जुड़े व्यक्ति की प्रॉपर्टी खरीद ने सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह साबित नहीं किया गया है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा है।
कौन हैं फिलिप किउ ?
रिपोर्ट में फिलिप किउ के चीन से कथित संबंधों को लेकर कई दावे किए गए हैं। बताया गया है कि उन्होंने शंघाई की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम में काम किया था। यह टीम शंघाई पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो के तहत आती है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि किउ ने स्नाइपर और कॉम्बैट ट्रेनिंग ली थी। इसके अलावा वह एक ऐसे फाउंडेशन से जुड़े बताए गए हैं, जिसे रिपोर्ट में चीन के United Front Work Department (UFWD) से संबंधित बताया गया है। इन दावों के कारण उनकी पृष्ठभूमि और प्रॉपर्टी खरीद को लेकर अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों की दिलचस्पी बढ़ी है।
क्या प्रॉपर्टी खरीद के पीछे है कोई मकसद ?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रॉपर्टी की लोकेशन को लेकर उठ रहा है। व्हाइट हाउस के बेहद करीब स्थित इस इमारत से अमेरिकी सरकार की गतिविधियों पर निगरानी की संभावनाओं को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। पूर्व CIA अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सौदे की अमेरिकी संघीय एजेंसियों को जांच करनी चाहिए। संभावित जोखिमों में निगरानी या इलेक्ट्रॉनिक जानकारी जुटाने जैसी आशंकाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, अभी तक यह सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि खरीदी गई इमारत का इस्तेमाल किसी खुफिया गतिविधि के लिए किया जा रहा है।
चीन पर पहले भी लगते रहे हैं ऐसे आरोप
रिपोर्ट में अमेरिका में ऐसे अन्य मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जहां चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े बताए गए लोगों या संस्थाओं द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आसपास जमीन या संपत्ति खरीदने के आरोप सामने आए हैं। इनमें टेक्सास के लॉफलिन एयर फोर्स बेस और नॉर्थ डकोटा के ग्रैंड फोर्क्स एयर फोर्स बेस के आसपास की संपत्तियों का भी जिक्र किया गया है।
भारतीय विशेषज्ञों ने भी जताई चिंता
रिपोर्ट में भारतीय खुफिया सूत्रों के हवाले से भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक चीन कथित तौर पर अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए केवल सैन्य या पारंपरिक माध्यमों पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि कारोबारी नेटवर्क, संस्थानों, संपत्ति और अन्य माध्यमों का भी इस्तेमाल कर सकता है। फिलहाल व्हाइट हाउस के पास हुई इस प्रॉपर्टी डील को लेकर अमेरिकी एजेंसियों की संभावित जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।




