ढाका, 29 अगस्त 2026 : बांग्लादेश में सेना की कमान और सैन्य ढांचे को लेकर एक बड़ा बदलाव चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान को तीनों सेनाओं की संयुक्त कमान से जुड़ी अहम जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो सेना प्रमुख के पास मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक शक्तियां आ सकती हैं। इस संभावित बदलाव की तुलना पाकिस्तान में फील्ड मार्शल असीम मुनीर को मिली सैन्य शक्तियों से भी की जा रही है। हालांकि बांग्लादेश में इस व्यवस्था को लेकर अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

जनरल जमान को मिल सकता है नया पद

रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश में जनरल जमान को 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ' या इसी तरह की संयुक्त सैन्य जिम्मेदारी देने पर विचार हो सकता है। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय और कमान से जुड़ी शक्तियां एक शीर्ष सैन्य पद के तहत लाई जा सकती हैं। यह बदलाव आने वाले महीनों में या अगले साल जनवरी के आसपास होने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।

अमेरिकी एडमिरल के सुझाव का भी जिक्र

रिपोर्ट में अमेरिकी पैसिफिक कमांड के प्रमुख एडमिरल स्टीफन कोहलर के बांग्लादेश दौरे का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि ढाका यात्रा के दौरान बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ सैन्य ढांचे और जनरल जमान को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जैसी जिम्मेदारी देने पर चर्चा या सुझाव हुआ था। हालांकि इस प्रस्ताव की अंतिम स्थिति और बांग्लादेश सरकार की आधिकारिक राय अभी स्पष्ट नहीं है।

अभी बांग्लादेश में सेना की कमान कैसे काम करती है ?

बांग्लादेश के मौजूदा संवैधानिक ढांचे में राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। वहीं सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख अपने-अपने सैन्य ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रक्षा मंत्रालय और संसदीय निगरानी व्यवस्था के पास सेना के संचालन पर सीमित अधिकार हैं। ऐसे में तीनों सेनाओं के लिए एक संयुक्त शीर्ष सैन्य पद बनाया जाना देश के सैन्य कमांड स्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है।

पाकिस्तान के मॉडल से क्यों हो रही तुलना ?

बांग्लादेश में प्रस्तावित संभावित सैन्य बदलाव की तुलना पाकिस्तान की हालिया सैन्य व्यवस्था से की जा रही है। पाकिस्तान में फील्ड मार्शल असीम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद तीनों सेनाओं के बीच शीर्ष सैन्य कमान का ढांचा बदला है। इसी वजह से बांग्लादेश में जनरल जमान को संभावित अतिरिक्त शक्तियां दिए जाने की चर्चा को क्षेत्रीय रणनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।

शेख हसीना के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सेना की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तत्कालीन सरकार के खिलाफ आंदोलन के बाद सत्ता समीकरण में सेना की भूमिका बढ़ाने की कोशिशें हो सकती हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और जनरल जमान को तीनों सेनाओं का संयुक्त कमांडर बनाने को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के सैन्य रिश्ते भी चर्चा में

रिपोर्ट में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संपर्क का भी उल्लेख किया गया है। वहीं कुछ सूत्रों के हवाले से बांग्लादेश में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कथित प्रभाव को लेकर भी दावे किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बांग्लादेश की सैन्य नीति और कमांड स्ट्रक्चर में किसी भी बदलाव को आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट रूप से समझा जा सकेगा।