नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 29 अगस्त 2026 : यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के कमिश्नर डॉ. आसिफ महमूद ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिलता है तो वह मोहन भागवत से मिलने के लिए तैयार हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब वह पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुके हैं। आसिफ महमूद ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि अगर मुलाकात का अवसर मिलता है तो वह मोहन भागवत के साथ बैठकर बातचीत करना और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना चाहेंगे।

RSS को लेकर पहले क्या कहा था ?

USCIRF कमिश्नर आसिफ महमूद इससे पहले RSS को लेकर सख्त रुख जाहिर कर चुके हैं। उनके पुराने बयानों के बाद भारत में उनकी टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस भी हुई थी। अब मोहन भागवत से मुलाकात की इच्छा जताने वाले उनके नए बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर भी बयान

इंटरव्यू के दौरान आसिफ महमूद ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर USCIRF लगातार सवाल उठाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले कथित भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों को लेकर आवाज उठाई है। खास तौर पर उन्होंने हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों का किया जिक्र

आसिफ महमूद ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ-साथ ईसाई, सिख और अहमदिया समुदायों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि USCIRF ने कई मौकों पर पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और संबंधित मामलों में कार्रवाई की जरूरत बताई है।

पाकिस्तान और चीन पर भी उठाए सवाल

USCIRF कमिश्नर ने पाकिस्तान और चीन में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर भी अपनी चिंताएं दोहराईं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों से जुड़े धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को अमेरिकी अधिकारियों के सामने उठाया जाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि USCIRF ने पाकिस्तान और चीन को 'Countries of Particular Concern' (CPC) के रूप में नामित करने की सिफारिश की है। यह अमेरिकी कानून के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन से जुड़े देशों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला दर्जा है।

मोहन भागवत से मुलाकात वाले बयान की चर्चा

आसिफ महमूद का मोहन भागवत से मिलने को लेकर दिया गया बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले RSS को लेकर उनका रुख काफी सख्त रहा है। ऐसे में अब बातचीत और मुलाकात की इच्छा जताने वाले बयान ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अभी मोहन भागवत और RSS की ओर से इस संभावित मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।