नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 28 अगस्त 2026 : सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने अब ब्रिटेन के सामने इस मुद्दे को उठाया है। पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड के साथ एक बैठक के दौरान भारत के साथ सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी बातचीत हुई।
भारत पर संधि के दायित्वों का उल्लंघन करने का आरोप
बैठक के दौरान इशाक डार ने भारत पर सिंधु जल संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया। पाकिस्तान ने ब्रिटेन के सामने संधि के तहत तय प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने की अपील भी की। हालांकि पाकिस्तान लंबे समय से सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखता रहा है। इस मुद्दे को लेकर इस्लामाबाद की ओर से कई बार चिंता जताई जा चुकी है।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने लिया था बड़ा फैसला
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अप्रैल 2025 में पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को लेकर तनाव और बढ़ गया। पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए भारत के फैसले पर लगातार आपत्ति जताई है। वहीं, भारत का रुख है कि अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए वह अपने जल संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर जरूरी कदम उठा सकता है।
पानी के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा रहा पाकिस्तान
संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान लगातार इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश कर रहा है। अब इशाक डार की ब्रिटिश विदेश मंत्री के साथ बैठक में इस मुद्दे का उठना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली के पानी को लेकर लंबे समय से समझौता लागू रहा है। ऐसे में संधि को लेकर दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का विवाद क्षेत्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरान और अफगानिस्तान पर भी हुई चर्चा
इशाक डार और एड मिलिबैंड की बैठक में सिर्फ सिंधु जल संधि का मुद्दा ही नहीं उठा। दोनों पक्षों ने मध्य पूर्व की स्थिति और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर पाकिस्तान की कूटनीतिक और मध्यस्थता संबंधी कोशिशों की जानकारी साझा की। इसके अलावा अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों और पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा को लेकर भी चर्चा हुई। सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की ओर से ब्रिटेन के सामने मुद्दा उठाए जाने से एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच जल विवाद चर्चा में आ गया है।




