नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी SCO Summit 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर रवाना होंगे। बिश्केक में 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में पीएम मोदी हिस्सा लेंगे। SCO शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी उनकी मुलाकात होगी। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत पर दुनियाभर की नजरें रहेंगी।
पुतिन के साथ किन मुद्दों पर होगी चर्चा ?
पीएम मोदी और पुतिन की यह मुलाकात खास मानी जा रही है। दिसंबर 2025 में रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय बैठक होगी। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को का दौरा किया था। इस दौरान भारत-रूस संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इनमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, परमाणु सहयोग और उर्वरक आपूर्ति जैसे विषय शामिल रहे।
शी जिनपिंग से भी होगी मुलाकात
SCO Summit के दौरान पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात होगी। यह बैठक भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास बात यह है कि सितंबर में भारत BRICS Summit 2026 की मेजबानी करने वाला है। इस दौरान भारत आने वाले शी जिनपिंग की मेजबानी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का फोकस
SCO के मंच पर भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ सख्त रुख दोहरा सकता है। भारत की प्राथमिकताओं में Security, Connectivity और Opportunity जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। SCO में भारत और पाकिस्तान दोनों सदस्य हैं। ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख इस बहुपक्षीय मंच पर खास महत्व रखता है।
किर्गिस्तान में वर्ल्ड नोमाड गेम्स में शामिल होंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा के दौरान किर्गिस्तान भी जाएंगे। यहां वह World Nomad Games के छठे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को दुनिया के सामने पेश करने के लिए आयोजित किया जाता है।कुल मिलाकर, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत के रूस, चीन और मध्य एशियाई देशों के साथ रणनीतिक एवं कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।




