इस्लामाबाद | 7 अगस्त 2026

भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा पर स्थित Sir Creek एक बार फिर रणनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। पाकिस्तान ने इस संवेदनशील क्षेत्र में 'अबाबील – द डिवाइन स्ट्राइक' नाम से एक सैन्य परियोजना शुरू की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के तहत स्पेशल फोर्स, ड्रोन, नौसैनिक संसाधनों और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ाई जा रही है। Sir Creek, गुजरात के कच्छ के रण के पास स्थित एक दलदली समुद्री क्षेत्र है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा निर्धारण से जुड़ा विवादित इलाका है। मगर यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

क्या है Sir Creek विवाद ?

Sir Creek को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद है। पाकिस्तान पूरी क्रीक पर अपना दावा करता है, जबकि भारत 1925 के मानचित्र और थलवेग (Thalweg) सिद्धांत के आधार पर सीमा निर्धारण की बात करता है। भारत का तर्क है कि ज्वार (High Tide) के दौरान यहां नौवहन संभव होता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत लागू होना चाहिए।

क्यों महत्वपूर्ण है यह इलाका ?

Sir Creek केवल सीमा विवाद का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध समुद्री सुरक्षा, मछली पकड़ने के अधिकार, विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और समुद्री संसाधनों से भी जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि पर दोनों देशों की नजर रहती है।

भारत की नजर बनी हुई है

हाल के वर्षों में भारत ने भी इस क्षेत्र के सामरिक महत्व पर कई बार जोर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Sir Creek में बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। हालांकि, किसी संभावित सैन्य संघर्ष को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या घोषणा नहीं की गई है।