बोगोटा, 11 अगस्त, 2026 : कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप के झटकों से कई इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए। अब तक कम से कम 130 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। सेना और आपातकालीन एजेंसियों की टीमें भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
107 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के चोको क्षेत्र में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। यह इलाका करीब 4,800 की आबादी वाला और अपेक्षाकृत पिछड़ा क्षेत्र है। भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 107 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के तेज झटके राजधानी बोगोटा समेत कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए। घबराए लोग सुरक्षा के लिए घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
अस्पताल और सार्वजनिक इमारतें भी प्रभावित
भूकंप की सबसे गंभीर तस्वीरें अस्पतालों और सार्वजनिक इमारतों से सामने आई हैं। काली शहर के एक अस्पताल के बच्चों और नवजात शिशुओं के विभाग को नुकसान पहुंचा और कुछ हिस्से ढह गए।पेरेइरा, काली और क्विब्दो समेत कई शहरों में मकानों और छोटी इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। मैनिजालेस शहर में एक ऐतिहासिक नव-गोथिक कैथेड्रल का टावर भी ढह गया। पेरेइरा में कम से कम 18 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
मलबे में हो रही जिंदगी की तलाश
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती ढही इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवार अपने लापता परिजनों की जानकारी के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान तेज कर दिया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम भी जारी है।
सेना और आपातकालीन एजेंसियां तैनात
भूकंप के बाद सरकार ने आपदा प्रतिक्रिया को तेज करते हुए सेना और आपातकालीन एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है। प्रशासन ने लोगों को संभावित आफ्टरशॉक्स को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। राहत और बचाव अभियान जारी है और आने वाले घंटों में नुकसान का विस्तृत आकलन सामने आने की उम्मीद है।




