नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026 : पाकिस्तान के 14 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस से पहले बलूचिस्तान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 11 अगस्त को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बलूच समुदाय और बलूच राष्ट्रवादी समर्थकों ने ‘Balochistan Independence Day’ मनाया। इस दौरान कथित ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को एक स्वतंत्र देश के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की मांग भी उठाई गई। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के रूप में पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मान्यता प्राप्त नहीं है। वर्तमान में बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक प्रांत है और इससे अलग होने की घोषणा भी कर चुका है।
11 अगस्त को क्यों मनाते हैं बलूच ‘स्वतंत्रता दिवस’?
बलूच राष्ट्रवादी समूह 11 अगस्त की तारीख को 1947 के घटनाक्रम से जोड़ते हैं। उनका दावा है कि ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद कलात की रियासत ने स्वतंत्रता की घोषणा की थी। इसी ऐतिहासिक दावे को आधार बनाकर बलूच राष्ट्रवादी 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मानते हैं। इसके बाद 1948 में कलात के पाकिस्तान में विलय को लेकर विवाद पैदा हो गया। बलूच राष्ट्रवादी समूह इस घटनाक्रम को अपने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हैं।
सऊदी से ब्रिटेन तक मनाया गया ‘Balochistan Independence Day’
11 अगस्त को सऊदी अरब, ब्रिटेन और अन्य देशों में रह रहे बलूच समुदाय के लोगों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। सोशल मीडिया पर भी बलूचिस्तान की स्वतंत्रता से जुड़े संदेश और अभियान देखने को मिले। बलूच नेता मीर यार बलूच ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को मान्यता देने की अपील की। उनके संदेश में देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बलूचिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत कहने के बजाय स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग की गई।
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को लेकर क्या दावा ?
बलूच राष्ट्रवादी समूहों की ओर से जारी संदेशों में दावा किया गया कि स्वतंत्र बलूचिस्तान के लिए अलग प्रशासनिक और कूटनीतिक व्यवस्था तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इन दावों में विदेश नीति, रक्षा, आर्थिक व्यवस्था, पासपोर्ट, मुद्रा, व्यापार और राजनयिक मिशन जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ये दावे संबंधित बलूच राष्ट्रवादी समूहों के हैं और इन्हें किसी स्वतंत्र संप्रभु सरकार की आधिकारिक व्यवस्था के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
क्या बलूचिस्तान सच में बन गया है अलग देश ?
अब तक तो नहीं बना है। यह सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है। बलूच राष्ट्रवादी समूहों की ओर से स्वतंत्रता का दावा और ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का नाम इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं मिली है। वर्तमान में बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक प्रांत है। इसलिए ‘अलग देश बनने’ का दावा फिलहाल बलूच राष्ट्रवादी समूहों की राजनीतिक मांग और घोषणा के रूप में देखा जाना चाहिए।
बलूचिस्तान में लंबे समय से चल रहा है आंदोलन
बलूचिस्तान में अलगाववाद और राष्ट्रवाद का मुद्दा कई दशकों पुराना है। क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादी समूह पाकिस्तान से अलग स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करते रहे हैं। बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और यहां प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। गैस, खनिज और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण यह क्षेत्र पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी चुनौती ?
बलूच स्वतंत्रता आंदोलन पाकिस्तान के लिए लंबे समय से सुरक्षा और राजनीतिक चुनौती बना हुआ है। अलगाववादी समूहों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने और अंतरराष्ट्रीय मान्यता की अपील ने एक बार फिर बलूचिस्तान के मुद्दे को वैश्विक चर्चा में ला दिया है।
पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों चर्चा में आया मुद्दा ?
पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। उससे ठीक तीन दिन पहले 11 अगस्त को बलूच समुदाय द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने से दोनों घटनाओं के बीच राजनीतिक और ऐतिहासिक तुलना भी चर्चा में आ गई है। हालांकि दोनों घटनाओं की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्थिति एकदम अलग है। पाकिस्तान एक मान्यता प्राप्त संप्रभु देश है, जबकि ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को अब तक अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है।




