इस्लामाबाद, 11 अगस्त 2026 : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 13 और 14 अगस्त को बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। आवामी एक्शन कमेटी (AAC) ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन दोनों दिनों को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाने का ऐलान कर दिया है। आवामी एक्शन कमेटी का कहना है कि यह प्रदर्शन कथित मानवाधिकार उल्लंघन, नागरिकों पर कार्रवाई और स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर किया जाएगा।

13 और 14 अगस्त को क्या होगा?

आवामी एक्शन कमेटी के मुताबिक, 13 अगस्त से PoK में विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इसके अगले दिन 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘ब्लैक डे’ मनाया जाएगा। संगठन ने विदेशों में रहने वाले कश्मीरी समुदाय से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। इसके तहत लंदन, वॉशिंगटन, पेरिस समेत कई शहरों में पाकिस्तानी दूतावासों और राजनयिक मिशनों के बाहर प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई है।

PoK में किन मुद्दों को लेकर नाराजगी ?

आवामी एक्शन कमेटी ने अपने अभियान के पीछे कई मुद्दों का हवाला दिया है। इनमें स्थानीय लोगों के लिए बिजली और खाद्य सामग्री से जुड़े सवाल, राजनीतिक अधिकार, मानवाधिकार और क्षेत्र के संसाधनों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आरोप भी लगाया है। उसके नेताओं का दावा है कि पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई। हालांकि, इन दावों से जुड़े आंकड़ों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से जरूरी है।

पाक के स्वतंत्रता दिवस पर क्यों चुना गया ‘ब्लैक डे’?

14 अगस्त पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है। इसी दिन ‘ब्लैक डे’ मनाने का फैसला प्रतीकात्मक तौर पर अहम माना जा रहा है। PoK के प्रदर्शनकारी पाकिस्तान के राष्ट्रीय उत्सव के दौरान अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहते हैं। AAC का कहना है कि 13 अगस्त से शुरू होने वाला विरोध 14 अगस्त को व्यापक रूप ले सकता है। संगठन का लक्ष्य पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों की समस्याओं और कथित अधिकारों के उल्लंघन की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना है।

दुनिया के कई देशों में प्रदर्शन की अपील

आवामी एक्शन कमेटी ने विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। संगठन के अनुसार, पाकिस्तानी राजनयिक मिशनों के बाहर प्रदर्शन कर PoK से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा। इससे पाकिस्तान के लिए 14 अगस्त का दिन घरेलू राजनीतिक घटनाक्रम के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

PoK में पहले भी उठते रहे हैं विरोध के स्वर

PoK में बिजली, महंगाई, खाद्य आपूर्ति, रोजगार और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। प्रदर्शनकारी स्थानीय संसाधनों पर अधिक अधिकार और बेहतर प्रशासन की मांग भी उठाते रहे हैं। अब 13 और 14 अगस्त को प्रस्तावित ‘ब्लैक डे’ अभियान के जरिए इन मुद्दों को एक बार फिर बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया और प्रदर्शन का स्वरूप इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगा।