इस्लामाबाद, 14 अगस्त 2026 : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत को लेकर एक तीखा बयान दिया है। उन्होंने सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान के लिए नदी के पानी की हर बूंद रेड लाइन है। शरीफ ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी गई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ तनाव और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया। इस्लामाबाद में आयोजित कार्यक्रम में शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। शरीफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी जाती है तो देश पहले से भी कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने अपने संबोधन में मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का भी उल्लेख किया।

सिंधु जल पर शहबाज की चेतावनी

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए पानी की हर बूंद एक रेड लाइन है और अगर भारत ने पानी रोकने की कोशिश की तो पाकिस्तान इसका जवाब देगा। शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है।

भारत ने 2025 में सिंधु जल संधि स्थगित की थी

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था। भारत का रुख रहा है कि सीमा पार आतंकवाद के माहौल में पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध कायम नहीं रखे जा सकते।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा भारत-पाक तनाव

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों पक्षों की ओर से हवाई और सैन्य कार्रवाई की गई। मई 2025 में हुए इस संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव का स्तर और बढ़ गया।

शहबाज बोले- पाकिस्तान शांति चाहता है

शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को शांति का पक्षधर बताया। हालांकि, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि पाकिस्तान की शांति की इच्छा को कमजोरी समझने की गलती नहीं की जानी चाहिए।

सिंधु जल संधि बना बड़ा विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि वर्ष 1960 में हुई थी। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के बीच व्यवस्था तय की गई थी। हालांकि, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को स्थगित करने का फैसला किया। इसके बाद पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय बयानों में उठाता रहा है। शहबाज शरीफ का ताजा बयान भी इसी विवाद के बीच आया है। उनके बयान से साफ है कि पानी और सिंधु जल संधि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।