इस्लामाबाद | 7 अगस्त 2026
बलूचिस्तान में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच पाकिस्तान के लिए एक और चुनौती सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीन की सरकारी कंपनी सैंदक (Saindak) कॉपर-गोल्ड परियोजना से अपना परिचालन बंद करने पर विचार कर सकती है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा जोखिम और आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते कंपनी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है और आने वाले दिनों के लिए इसे एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
सुरक्षा चिंताओं के बीच निवेश पर संकट
पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री हाफिज पाशा ने एक इंटरव्यू में कहा कि देश में बढ़ती असुरक्षा और आतंकवादी घटनाओं के कारण विदेशी निवेश प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां पहले ही पाकिस्तान से अपना कारोबार समेट चुकी हैं और नए निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ा है। उनके अनुसार, यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़े विदेशी निवेश और परियोजनाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
सैंदक परियोजना पर मंडराया खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में सैंदक परियोजना का संचालन करने वाली चीनी कंपनी ने पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि यदि सुरक्षा कारणों से आवश्यक आपूर्ति बाधित होती रही तो एक महीने के भीतर परिचालन प्रभावित हो सकता है। कंपनी ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों के कारण आवश्यक सामान और उपकरणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
चीन की अहम खनन परियोजनाओं में शामिल है सैंदक
सैंदक कॉपर-गोल्ड परियोजना पाकिस्तान की प्रमुख खनन परियोजनाओं में से एक है। इसका संचालन चीन की सरकारी कंपनी Metallurgical Corporation और पाकिस्तान की Saindak Metals Limited (SML) मिलकर करती हैं। यहां से निकाला गया तांबा (कॉपर) और अन्य खनिजों का बड़ा हिस्सा चीन भेजा जाता है।
बलूचिस्तान में लगातार बढ़ी सुरक्षा चुनौती
हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठनों द्वारा कई बार चीनी परियोजनाओं और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) से जुड़ी परियोजनाओं का भी कुछ समूह लगातार विरोध करते रहे हैं। इसी बीच बलूच संगठनों ने 11 अगस्त को अपना "स्वतंत्रता दिवस" मनाने का ऐलान भी किया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ गई है।
विदेशी निवेश पर असर पड़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो पाकिस्तान में विदेशी निवेश आकर्षित करना और कठिन हो सकता है। फिलहाल सैंदक परियोजना को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।




