बोगोटा, 10 अगस्त 2026 : कोलंबिया में सोमवार को जोरदार भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए भूकंप के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता 7.4 बताई गई, जबकि कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट (UNGRD) ने इसकी तीव्रता 6.6 बताई है। भूकंप का केंद्र प्रशांत तट के चोको प्रांत में बताया गया। झटके राजधानी बोगोटा के अलावा मेडेलिन और कैली समेत कई शहरों में महसूस किए गए। वेनेजुएला की सीमा से लगे कुछ इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस होने की जानकारी सामने आई है।
भूकंप के झटकों से मची अफरा-तफरी
भूकंप के दौरान कई इलाकों में इमारतें हिलने लगीं। मेडेलिन और अबुरा वैली के लोगों ने बताया कि कुछ इमारतों में 20 सेकंड से ज्यादा समय तक कंपन महसूस हुआ। डर के कारण बड़ी संख्या में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। बोगोटा समेत कई जगहों पर लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। प्रशासन ने संवेदनशील इमारतों की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सड़क और पुलों को भारी नुकसान
भूकंप के बाद कई इलाकों में सड़कों पर दरारें आने और कुछ पुलों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। चोको प्रांत की गवर्नर नूबिया कैरोलिना कॉर्डोबा-क्यूरी ने बताया कि कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है और प्रशासन नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।
भूकंप का केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार था
कोलंबिया की UNGRD के मुताबिक, भूकंप करीब 79 किलोमीटर की गहराई में आया और इसका केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार के पास बताया गया। एजेंसी ने स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखने और संभावित नुकसान की जानकारी जुटाने की बात कही है। भूकंप के बाद सरकारी एजेंसियां प्रभावित इलाकों में स्थिति की निगरानी कर रही हैं। इमारतों की सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को वापस अंदर जाने की अनुमति देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर नुकसान के वीडियो
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें क्षतिग्रस्त इमारतें, सड़कों में दरारें और लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था बनाए रखना और भूकंप से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करना है।




