काठमांडू | 7 अगस्त 2026

नेपाल में एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की मांग जोर पकड़ने लगी है। हाल ही में मधेश क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद इस विषय पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं, हालात को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।

मधेश हिंसा के बाद बढ़ी हलचल

26 जुलाई को नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में धार्मिक जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद तनाव मधेश के अन्य जिलों तक फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाल सरकार ने पुलिस और सेना की तैनाती की। इस हिंसा में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद माहौल और संवेदनशील हो गया।

गृह मंत्री और हिंदू संगठनों की बैठक

हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया, जिसमें नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करने के मुद्दे पर सर्वदलीय चर्चा कराने की मांग भी शामिल थी। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में किसी औपचारिक समझौते पर सहमति नहीं बनी।

15 से अधिक संगठन आए एक मंच पर

संयुक्त हिंदू मोर्चा, हिंदू सम्राट सेना, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और हिंदू युवा संघ समेत 15 से अधिक संगठन इस मुद्दे पर एकजुट होकर अभियान चला रहे हैं। इन संगठनों का कहना है कि नेपाल को दोबारा हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग अब पूरे देश का मुद्दा बन चुकी है।