काठमांडू, 10 अगस्त 2026 : नेपाल की राजधानी काठमांडू की एक खबर ने सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोमवार को भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात की। सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई इस बैठक को नेपाल की विदेश नीति और भारत के साथ उसके संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बताया गया कि बैठक में नेपाल-भारत संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें दोनों देशों के बीच पारंपरिक दोस्ती, साझा हित, विकास साझेदारी और मौजूदा सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे। इस बैठक की बड़ी बात यह रही कि पहले प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारतीय राजदूत से मुलाकात की। उसके बाद चीनी राजदूत और फिर अमेरिका के राजदूत से मिले। यह घटना कूटनीतिक नजरिये से बहुत अहम है।
पद संभालने के बाद पहली अलग-अलग राजनयिक मुलाकात
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री बनने के करीब चार महीने बाद बालेन शाह ने पहली बार किसी विदेशी राजनयिक के साथ इस तरह आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत की है। इससे पहले शाह राजदूतों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात की बजाय सामूहिक बैठकों को प्राथमिकता देते रहे थे। यही वजह है कि भारतीय राजदूत के साथ उनकी यह बैठक कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले बालेन शाह की अमेरिकी राजदूत और भारतीय विदेश सचिव के साथ भी इसी तरह की अलग बैठक नहीं हुई थी।
भारतीय राजदूत ने क्या कहा ?
मुलाकात के बाद भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बालेन शाह को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच मजबूत और बहुआयामी साझेदारी को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत को उपयोगी बताया। दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करने पर भी चर्चा हुई।
भारत के बाद चीन और अमेरिका से भी बैठक
बालेन शाह की भारतीय राजदूत के साथ मुलाकात के बाद चीनी राजदूत झांग माओमिंग के साथ भी उनकी अलग बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स स्कॉट अर्बोम के साथ मुलाकात होने की जानकारी सामने आई है। इसी क्रम की वजह से भारतीय राजदूत के साथ पहले हुई बैठक को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हुई है। हालांकि, किसी राजदूत से पहले मिलना अपने आप में नेपाल की विदेश नीति में किसी बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। नेपाल लंबे समय से भारत, चीन और अमेरिका समेत प्रमुख देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखने की कोशिश करता रहा है।
भारत-नेपाल संबंध क्यों हैं अहम ?
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही, व्यापार, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं से जुड़े व्यापक सहयोग के क्षेत्र हैं। ऐसे में बालेन शाह और भारतीय राजदूत की बातचीत को दोनों देशों के मौजूदा संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है।
क्या भारत को लेकर बदला है बालेन शाह का रुख ?
बालेन शाह की भारतीय राजदूत के साथ पहली व्यक्तिगत द्विपक्षीय बैठक ने निश्चित तौर पर ध्यान खींचा है। खासकर इसलिए क्योंकि इसके बाद चीनी और अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ भी उनकी अलग-अलग बैठकें होनी हैं। लेकिन इस एक बैठक के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि नेपाल ने भारत या चीन में से किसी एक को अपनी विदेश नीति में चुन लिया है। आने वाले दिनों में बालेन शाह सरकार के भारत, चीन और अमेरिका के साथ होने वाले संवाद और नीतिगत फैसलों से ही नेपाल की कूटनीतिक प्राथमिकताओं की तस्वीर ज्यादा साफ होगी।




