वॉशिंगटन | 7 अगस्त 2026

सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में से एक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती के अंदर इतना सोना मौजूद है कि अगर उसे बाहर निकाल लिया जाए तो पूरी पृथ्वी पर करीब 50 सेंटीमीटर मोटी सोने की परत बिछ सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती का लगभग 99 फीसदी से ज्यादा सोना उसके कोर (Core) में मौजूद है। यह कोर पृथ्वी की सतह से करीब 2900 किलोमीटर नीचे स्थित है, जहां इंसानों का पहुंचना फिलहाल संभव नहीं है। अब एक नई वैज्ञानिक स्टडी ने संकेत दिया है कि धरती के अंदर मौजूद कीमती धातुएं धीरे-धीरे ऊपरी परतों की ओर बढ़ रही हैं।

धरती के कोर से सतह तक पहुंच रही धातुएं ?

यूनिवर्सिटी ऑफ गॉटिंगेन के वैज्ञानिकों की टीम ने हवाई के ज्वालामुखीय क्षेत्रों से मिली चट्टानों का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने इनमें मौजूद रूथेनियम आइसोटोप के संकेतों की जांच की। इस जांच से पता चला कि धरती के गहरे हिस्से से निकला पदार्थ धीरे-धीरे मैंटल (Mantle) की ओर पहुंच सकता है और फिर लंबे समय में सतह तक आने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि धरती के अंदर मौजूद सोना सीधे खनन के जरिए निकाला जा सकता है।

धरती के अंदर कैसे पहुंचा इतना सोना ?

वैज्ञानिकों के अनुसार, जब करोड़ों साल पहले धरती का निर्माण हुआ था, तब यह बेहद गर्म अवस्था में थी। उस समय भारी धातुएं जैसे लोहा और सोना नीचे की ओर चली गईं और धरती के कोर का हिस्सा बन गईं। सोना एक साइडरोफाइल तत्व है, यानी यह लोहे जैसी धातुओं के साथ आसानी से मिल जाता है। इसी वजह से पृथ्वी का ज्यादातर सोना सतह के बजाय कोर में जमा हो गया।

99.99% सोना कोर में मौजूद

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि पृथ्वी पर मौजूद लगभग पूरा सोना और कई अन्य कीमती धातुएं कोर के नीचे दबे हुए हैं।

इनमें शामिल हैं : सोना (Gold), रूथेनियम (Ruthenium), प्लेटिनम समूह की धातुएं

हालांकि इतनी गहराई तक पहुंचना और इन धातुओं को निकालना वर्तमान तकनीक से संभव नहीं है।

वैज्ञानिकों के लिए क्यों अहम है यह खोज ?

इस शोध से वैज्ञानिकों को पृथ्वी के निर्माण और अंदरूनी संरचना को समझने में मदद मिलेगी। धरती के कोर और मैंटल के बीच होने वाली गतिविधियों को समझने से ज्वालामुखी, ग्रहों के निर्माण और पृथ्वी के विकास से जुड़े कई रहस्यों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।