नोएडा, 24 सितंबर 2026 : उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की रात एक बस हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई। जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर दूर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर AC बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसे के वक्त बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन दो घंटे तक चला। पुलिस के मुताबिक मृतकों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं। शव बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पा रही है और यह प्रक्रिया जारी है।

जलने की गंध के बाद भी बस नहीं रोकने का आरोप

हादसे के बाद दर्ज शिकायत में यात्री सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि बस में आग लगने से पहले जलने जैसी गंध आ रही थी। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी, मगर आरोप है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। शिकायत के मुताबिक कुछ देर बाद ड्राइवर केबिन के पास आग की लपटें दिखाई दीं। यात्रियों ने बस रोकने के लिए शोर मचाया, मगर बस तुरंत नहीं रोकी गई। आग और धुआं बढ़ने के बाद यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ने शुरू किए, जिसके बाद बस रोकी गई।हालांकि, आग लगने के तकनीकी कारण को लेकर शुरुआती जांच में AC में स्पार्क या ब्लास्ट की आशंका भी जताई गई है। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

बस के खिलाफ 19 चालान, ₹1.75 लाख से ज्यादा जुर्माना

इस हादसे के बाद बस के पुराने ट्रैफिक रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, बस के खिलाफ अब तक 19 चालान किए जा चुके थे और कुल ₹1,75,500 का जुर्माना लगाया गया था। इनमें यात्रियों के साथ माल ले जाने, बिना लाइसेंस और परमिट से जुड़े चालान शामिल बताए गए हैं। बस का पहला चालान वर्ष 2024 में हुआ था और रिपोर्ट के मुताबिक जुर्माने की राशि अब तक जमा नहीं की गई थी। RTO की जांच में बस की ऊंचाई भी निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। MVI के अनुसार, निर्धारित ऊंचाई 3.8 मीटर होनी चाहिए, जबकि बस की ऊंचाई 4.1 मीटर बताई गई है।

हादसे में 20 से ज्यादा यात्रियों को बचाया गया

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। 20 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई यात्री खिड़कियां तोड़कर बस से बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शी यात्री रिंकी राजपूत ने बताया कि हादसे के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक शोर हुआ और बस के अंदर धुआं भर गया। यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने बताया कि खिड़की तोड़कर कूदने के बाद उन्होंने अपनी जान बचाई, जबकि कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। घायल यात्रियों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों को इलाज के बाद आगे भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को हिरासत में लिया गया है। शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस हादसे के तकनीकी कारण, बस की फिटनेस, परमिट, पुराने चालान और चालक-कंडक्टर की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

PM मोदी और CM योगी ने जताया दुख

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-₹2 लाख और घायलों को ₹50-₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। नोएडा के इस बस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की स्लीपर बसों की सुरक्षा, फिटनेस, परमिट और यात्री सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद हादसे की जिम्मेदारी और आग के वास्तविक कारण की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।