कानपुर देहात, 27 सितंबर। कानपुर देहात में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार की आधी रात दर्दनाक हादसा हो गया। मैथा तहसील के नवल गांव में करीब रात एक बजे एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर सो रही 75 वर्षीय शांति देवी और उनकी 28 वर्षीय बेटी शालू मलबे में दब गईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घटना की सूचना शिवली कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर मलबा हटाने का काम शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शिवली कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक, दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुश्तैनी मकान में मां के साथ रहती थीं शालू
परिजनों के अनुसार, शालू पेशे से वकील थीं और अपनी मां शांति देवी के साथ इसी पुश्तैनी कच्चे मकान में रहती थीं। उनके दो भाई भी हैं, जो पास के अलग-अलग मकानों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बताया गया कि एक भाई राजेश ड्राइवर का काम करता है।
जमीन की वसीयत का भी सामने आया जिक्र
परिजनों ने जमीन की वसीयत को लेकर भी जानकारी दी है। उनका कहना है कि पिता की मृत्यु से पहले शालू ने जमीन की वसीयत अपने नाम करा ली थी, जिसके चलते दोनों भाइयों को जमीन नहीं मिली थी।
हालांकि, मकान गिरने की घटना और जमीन की वसीयत के बीच किसी संबंध की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।




