नई दिल्ली: ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध पीड़ितों के लिए एमआरएम (Money Refund Module) पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए साइबर ठगी, यूपीआई फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में फ्रीज हुई रकम की वापसी के लिए घर बैठे आवेदन किया जा सकेगा।
सरकार के मुताबिक, आवेदन के लिए बैंक खाते की जानकारी, पैन कार्ड की डिजिटल कॉपी और 14 अंकों की साइबर शिकायत आईडी जरूरी होगी। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन के बाद पीड़ित को "Raise Refund Request" विकल्प में शिकायत आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद बैंक खाते का विवरण, पैन कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा किया जा सकेगा। आवेदन के बाद एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी जारी होगी, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।
सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार, यदि किसी एक बैंक खाते में फ्रीज की गई राशि 50 हजार रुपये से कम है, तो सामान्य परिस्थितियों में एफआईआर या कोर्ट आदेश की जरूरत नहीं होगी। वहीं 50 हजार रुपये से अधिक की राशि वाले मामलों में एफआईआर, कोर्ट आदेश या अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था फ्रीज हुई रकम की वापसी प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और आसान बना सकती है।
साइबर ठगी के मामलों में बढ़ती चुनौतियों के बीच यह पहल पीड़ितों को त्वरित राहत देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि यह नई व्यवस्था लोगों को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से न्याय दिला पाती है।
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साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत, अब सरकारी पोर्टल से वापस मिल सकेगी फ्रीज हुई रकम
साइबर ठगी के मामलों में फ्रीज हुई रकम वापस पाने की प्रक्रिया अब आसान हो गई है। गृह मंत्रालय के MRM Portal के जरिए पीड़ित ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 50 हजार रुपये तक की राशि वाले मामलों में एफआईआर या कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि बड़ी राशि के मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे।

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