अब कोर्ट पहुंचे बिना होगी गवाही! बिहार में 'न्यायश्रुति' प्रणाली का पहला ट्रायल सफल, डिजिटल न्याय व्यवस्था की बड़ी शुरुआत
कैदी, गवाह और वैज्ञानिक विशेषज्ञ वीडियो
पटना | 18 जुलाई 2026
बिहार की न्यायिक व्यवस्था जल्द ही बड़े डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ने जा रही है। अब अदालतों में हर गवाह, पुलिस अधिकारी, जेल में बंद कैदी या फॉरेंसिक विशेषज्ञ को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट तक आने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने 'न्यायश्रुति' प्रणाली के तहत सुरक्षित डिजिटल माध्यम से गवाही दर्ज कराने की नई व्यवस्था की शुरुआत की है। शुक्रवार को इसका पहला पायलट मॉक ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसे न्यायिक प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पटना की अदालत में हुआ पहला सफल परीक्षण
इस नई व्यवस्था का परीक्षण पटना के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-23 गौरव कुमार की अदालत में चल रहे एक आपराधिक मामले के दौरान किया गया। मॉक ट्रायल में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गवाहों और संबंधित पक्षों की गवाही दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल के दौरान तकनीकी व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हुई और किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।
जेल, एफएसएल और अभियोजन कार्यालय एक मंच पर जुड़े
'न्यायश्रुति' प्रणाली के तहत पहली बार आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े विभिन्न विभागों को डिजिटल माध्यम से एक साथ जोड़ा गया। इसमें पटना का अभियोजन कार्यालय, बेउर स्थित आदर्श केंद्रीय कारा और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) शामिल रहे। पूरी तकनीकी प्रक्रिया का संचालन नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की सहायता से किया गया।
लंबित मामलों के निपटारे में मिलेगी तेजी
गृह विभाग का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने से अदालतों का समय बचेगा, सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च कम होगा और कैदियों को बार-बार कोर्ट लाने की आवश्यकता भी घटेगी। इससे गवाहों की उपलब्धता बढ़ेगी और वर्षों से लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलेगी।
पूरे बिहार में चरणबद्ध तरीके से होगी लागू
सरकार ने बताया कि सफल ट्रायल के बाद 'न्यायश्रुति' प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिला न्यायालयों में लागू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी ढांचा विकसित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह पहल न्याय व्यवस्था को अधिक तेज, पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।




