नई दिल्ली | 7 जुलाई 2026
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियों में एक और महत्वपूर्ण सफलता जुड़ गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के पैराशूट सिस्टम के लिए विकसित नए रॉकेट मोटर का सफल परीक्षण किया है। यह स्टैटिक टेस्ट 3 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) में किया गया। परीक्षण के दौरान मोटर ने सभी तकनीकी मानकों पर अपेक्षित प्रदर्शन किया, जिससे वैज्ञानिकों को अगले चरण की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण भरोसा मिला है।
SOLVE लॉन्च व्हीकल के लिए विकसित किया गया नया मोटर
ISRO के अनुसार, यह नया सॉलिड मोटर विशेष रूप से Sub-Orbital Launch Vehicle for Experiments (SOLVE) के लिए तैयार किया गया है। यह लॉन्च व्हीकल गगनयान के क्रू मॉड्यूल और उसके पैराशूट सिस्टम के एकीकृत परीक्षण में उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य वास्तविक मानव मिशन से पहले सभी सुरक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
10 से 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर होगा परीक्षण
SOLVE व्हीकल परीक्षण के दौरान क्रू मॉड्यूल को लगभग 10 से 17 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाएगा। इसके बाद मॉड्यूल को अलग किया जाएगा और उसकी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए क्रमवार 10 पैराशूट खोले जाएंगे। इन पैराशूटों की मदद से मॉड्यूल की गति कम होगी और वह नियंत्रित तरीके से समुद्र में उतरेगा।
सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर फोकस
ISRO का कहना है कि इन परीक्षणों का उद्देश्य क्रू मॉड्यूल के डिसेलरेशन सिस्टम को विभिन्न उड़ान परिस्थितियों में परखना है। नया SOLVE व्हीकल PSLV के स्ट्रैप-ऑन मोटर पर आधारित है, लेकिन इसमें धीमी गति से जलने वाला प्रोपेलेंट, सीधा नोजल और Secondary Injection Thrust Vector Control (SITVC) जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उड़ान अधिक स्थिर और नियंत्रित रहेगी।
गगनयान मिशन की दिशा में अहम उपलब्धि
ISRO के अनुसार, SOLVE प्लेटफॉर्म भविष्य के गगनयान टेस्ट मिशनों को अधिक प्रभावी बनाएगा और इंजीनियरों को वास्तविक मानव अंतरिक्ष उड़ान जैसी परिस्थितियों का परीक्षण करने का अवसर देगा। गगनयान मिशन के तहत भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी अंतरिक्ष यान के जरिए पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजने और सुरक्षित वापस लाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में पैराशूट प्रणाली का सफल परीक्षण मिशन की सुरक्षा और सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




