मुंबई | 9 जुलाई 2026
महाराष्ट्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार की नई नीति के तहत 1 अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट (निवास प्रमाणपत्र) अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा बाइक टैक्सी और अन्य यात्री वाहनों के चालकों के लिए भी पहचान संबंधी नियमों को और सख्त बनाया जाएगा।
कानून विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि नए नियमों का प्रस्ताव कानून एवं न्याय विभाग को भेज दिया गया है। विभाग से मंजूरी मिलने के बाद इस व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और चालक की पहचान का सत्यापन सुनिश्चित करना है।
बाइक टैक्सी सेवाओं पर भी सरकार की नजर
प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने बताया कि राज्य में संचालित अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सरकार इस क्षेत्र को कानूनी दायरे में लाने के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा (रेगुलेटरी फ्रेमवर्क) तैयार कर रही है। इससे न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
आधिकारिक बैज के लिए भी जरूरी होगा प्रमाणपत्र
प्रताप सरनाईक ने सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि 1 अगस्त से बाइक टैक्सी और चार-पहिया यात्री वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को आधिकारिक बैज प्राप्त करने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा। इससे सभी चालकों का सत्यापित पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा और उनकी पहचान की जांच पहले से अधिक प्रभावी होगी।
सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और अनुशासित बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि चालक की स्पष्ट पहचान और दस्तावेजों के बेहतर सत्यापन से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी तथा यात्रियों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन विभाग निगरानी व्यवस्था को भी और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है।




