पटना | 14 जुलाई 2026
बिहार में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। प्रस्तावित वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने जा रहा है। इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इसके बनने से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।
देश का सबसे लंबा होगा वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी कॉरिडोर
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर वाराणसी से शुरू होकर पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा। भविष्य में इसे गुवाहाटी तक विस्तारित किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। बिहार में यह कॉरिडोर बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज समेत कई जिलों से होकर गुजरेगा। राज्य में इसके लिए करीब 400 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ट्रैक विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
पटना, बक्सर और कटिहार में बन सकते हैं स्टेशन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बिहार में पटना, बक्सर और कटिहार को प्रमुख बुलेट ट्रेन स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा सकता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
बुलेट ट्रेन में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें एक्टिव सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक सीट रोटेशन, आधुनिक टॉयलेट, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था और महिलाओं व शिशुओं के लिए फोल्डिंग बेड जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएगा।
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जिन जिलों से बुलेट ट्रेन गुजरेगी, वहां लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में भी लोगों की आवाजाही अधिक तेज और आसान हो जाएगी।
नोट: यह परियोजना प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ी है। अंतिम रूट, स्टेशनों की संख्या और निर्माण की समय-सीमा संबंधित सरकारी स्वीकृतियों और आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार तय होगी।




