जमशेदपुर | 8 अगस्त 2026

झारखंड आंदोलन के महानायक और शहीद निर्मल महतो का शहादत दिवस शनिवार को जमशेदपुर के कदमा उलियान स्थित समाधि स्थल पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहुंचे और शहीद निर्मल महतो की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “जब तक सूरज-चांद रहेगा, तब तक शहीद निर्मल महतो का नाम अमर रहेगा।” उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों और आंदोलनकारियों की धरती है। अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए कई लोगों ने अपना जीवन और खून समर्पित किया। ऐसे सभी वीरों और आंदोलनकारियों को हमेशा याद किया जाना चाहिए।

गांव-देहात से पारंपरिक अंदाज में पहुंचे लोग

शहादत दिवस के अवसर पर जमशेदपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कदमा उलियान पहुंचे। कई ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में जुलूस की शक्ल में समाधि स्थल तक पहुंचे। उनके हाथों में झंडे और बैनर थे और रास्तेभर शहीद निर्मल महतो के सम्मान में नारे लगाए गए।

ढोल-नगाड़ों की थाप पर दी श्रद्धांजलि

सैकड़ों लोगों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। समाधि स्थल पर पहुंचकर लोगों ने पुष्प अर्पित किए और निर्मल महतो के संघर्ष एवं झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।

पूरा परिसर “शहीद निर्मल महतो अमर रहें” के नारों से गूंजता रहा। लोगों ने उनके विचारों और संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

झारखंड आंदोलन में योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो का योगदान झारखंड के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। शहादत दिवस के आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और झारखंड आंदोलन से जुड़े लोग मौजूद रहे।