रांची, 12 अगस्त 2026 : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को छात्रों ने विरोध का अनोखा और शांतिपूर्ण तरीका अपनाते हुए हाथों में फूल लेकर साइलेंट मार्च निकाला। जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी इस मार्च में शामिल हुए। खास बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी नहीं की और मौन रहकर अपनी मांगें राज्य सरकार तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की।

हाथों में फूल, जुबां पर खामोशी

छात्रों ने हाथों में फूल लेकर यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका आंदोलन एकदम शांतिपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले मार्च में छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का प्रण दोहराया।

25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं छात्र

JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्र 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को आंदोलन का 18वां दिन रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थी वर्षों का समय और बड़ी राशि खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से युवाओं का आयोग और भर्ती व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग

आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता शामिल है। छात्रों का कहना है कि जिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया में ठोस सुधार किए जाने की मांग की जा रही है।

CBI जांच या रिटायर्ड जजों की कमेटी की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। उनकी मांग है कि मामले की जांच CBI से कराई जाए। इसके विकल्प के तौर पर छात्रों ने राज्य के बाहर के उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का पैनल बनाकर जांच कराने की मांग भी रखी है। छात्रों का तर्क है कि जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी या समिति से होनी चाहिए, जिससे निष्पक्षता को लेकर कोई सवाल न उठे।

छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारी छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इनमें से दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच छात्र संगठनों ने झारखंड सरकार से जल्द समाधान निकालने और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के जरिए उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की है।

सरकार से छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा

JPSC-JSSC मंच के प्रतिनिधियों और झारखंड सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की वार्ता हुई थी। हालांकि, बातचीत के बावजूद किसी भी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। कई दौर की बातचीत के बाद भी गतिरोध अब भी बरकरार है। इसी के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को मौन जुलूस निकालकर राज्य सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचा।

विधानसभा में सरकार ने किया बड़ा ऐलान

इस बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से 14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के ऐलान की बात भी सामने आई है। हालांकि छात्र आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों और जांच की मांग को लेकर गतिरोध अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल, फूलों के साथ निकला छात्रों का Silent March उनके शांतिपूर्ण विरोध का संदेश देता नजर आया। आंदोलन के 18वें दिन भी छात्रों और सरकार के बीच समाधान को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।