रांची, 11 अगस्त 2026 : झारखंड विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC परीक्षा विवाद को लेकर एक बड़ा ऐलान कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि 14वीं JPSC परीक्षा और दो बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की जांच कराने की भी घोषणा की गई है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की जा रही थी।
14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाएं रद्द
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाएगा। इसके अलावा दो बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात कही गई है। राज्य सरकार के इस ऐलान से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे। हालांकि, परीक्षाओं को रद्द करने की आगे की प्रक्रिया और नई परीक्षा को लेकर स्थिति पर सरकार के अगले कदम का इंतजार रहेगा।
TDPL से कराई गई परीक्षाओं की होगी जांच
सीएम ने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने की भी घोषणा की। परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों की ओर से लंबे समय से जांच की मांग की जा रही थी।सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में भी TDPL से जुड़ी परीक्षाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। अब सरकार की ओर से जांच की घोषणा के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर : सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में सामने आए मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समझने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कुछ समय से झारखंड में राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
BJP पर भी बरसे मुख्यमंत्री
छात्रों के मुद्दे को लेकर विपक्ष के हमलों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने BJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भाजपा के लोग गेरुआ वेश में लोगों को ठगते थे और अब छात्रों के वेश में लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम के इस बयान के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो गई। विपक्षी विधायक परीक्षा विवाद को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे।
सदन में सीपी सिंह ने दिखाई नोटों की गड्डी
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सदन में नोटों की गड्डी दिखाकर सरकारी नौकरियों और परीक्षा प्रक्रिया में कथित लेन-देन का मुद्दा उठाने की कोशिश की। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने विरोध जताया। मामले को लेकर सदन में हंगामा बढ़ गया और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
छात्रों का आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं
सरकार की ओर से 14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच की घोषणा के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह समाप्त हुआ है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं। सरकार के ऐलान के बाद अब छात्रों की अगली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
हंगामे के बीच सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
JPSC विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा में हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र की कार्यवाही 12 अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन अंतिम दिन ही इसे समाप्त कर दिया गया। अब JPSC परीक्षा विवाद में सरकार की ओर से किए गए ऐलान को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। खास तौर पर 14वीं JPSC और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की आधिकारिक प्रक्रिया तथा TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच आगे किस तरह होती है, यह आने वाले दिनों में अहम रहेगा।




