रांची | 6 अगस्त 2026
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी के मामले में सीआईडी और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में टीडीपीएल (TDPL) का पूर्व एकाउंटेंट, उम्मीदवारों को लाने वाला एजेंट और जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी भी शामिल हैं। इस मामले की जांच अभी जारी है।
किन-किन लोगों की हुई गिरफ्तारी ?
सीआईडी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में रक्षक सिंह, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, उमाकांत उरांव और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि रक्षक सिंह, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार ने 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में कथित रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल की थी। वहीं उमाकांत उरांव पर अभ्यर्थियों को एजेंट के तौर पर जोड़ने का आरोप है।
पूर्व JPSC अध्यक्ष के स्टाफ पर भी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र कुमार जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कार्यालय में कार्यरत रह चुका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसका परीक्षा गड़बड़ी मामले में पहले से जांच के दायरे में रहे कुछ लोगों से संपर्क था। सीआईडी ने धर्मेंद्र कुमार के पास से तीन मोबाइल फोन और एक कंप्यूटर जब्त किया है। डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
कहां-कहां से हुई गिरफ्तारी ?
सीआईडी और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
धर्मेंद्र कुमार – कोतवाली क्षेत्र
उमाकांत उरांव – बरियातू
रोशन केरकेट्टा – सदर
मनोज कुमार – धुर्वा
रक्षक सिंह – लखनऊ के कोटवा बख्शी तालाब थाना क्षेत्र
OMR शीट जमा करने की बढ़ी समय सीमा
JPSC परीक्षा की जांच के बीच सीआईडी ने अभ्यर्थियों के लिए OMR शीट जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त से बढ़ाकर सात अगस्त 2026 कर दी है। अब तक करीब 1300 अभ्यर्थी अपनी OMR शीट जांच एजेंसी को भेज चुके हैं। सीआईडी का कहना है कि प्राप्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई होगी।




