रांची, 11 अगस्त 2026 : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को भारी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने लगातार नारेबाजी और सत्ता पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया। इसके साथ ही विधानसभा का मौजूदा सत्र निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही समाप्त हो गया।हालांकि विधानसभा की कार्यवाही 12 अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन सदन में हो रहे लगातार हंगामे के कारण मंगलवार को ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
JPSC-JSSC और छात्र आंदोलन पर सदन में हंगामा
मानसून सत्र के चौथे दिन छात्र आंदोलन और विधानसभा घेराव के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में छाया रहा। विपक्षी विधायक इस मामले पर सरकार से जवाब की मांग करते हुए वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल में आ गए। दोनों पक्षों की नारेबाजी से सदन का माहौल बेहद गरमा गया और कार्यवाही प्रभावित हुई। स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, मगर हंगामा जारी रहा।
स्पीकर ने पहले दोपहर तक स्थगित की थी कार्यवाही
लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों की मांगों और उनके प्रति सहानुभूति को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की जा रही है। हालांकि, इसके बाद भी राजनीतिक गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बाद में सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह विधानसभा का सत्र अपने निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले समाप्त हो गया।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार और स्पीकर पर साधा निशाना
सत्र के समय से पहले खत्म होने पर विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार और विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर सत्ता पक्ष की बात को प्राथमिकता देते हैं और विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बीजेपी छात्रों के मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा करना चाहती थी। उन्होंने छात्र आंदोलन और JPSC-JSSC से जुड़े मामलों को सदन में उठाने की बात भी कही।
छात्रों के मुद्दे पर जारी है सियासी टकराव
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर बातचीत और समाधान का भरोसा दिया गया है। विधानसभा में हंगामे के बीच सत्र का समय से पहले खत्म होना इस मुद्दे पर जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा सकता है।
अब सरकार के अगले कदम पर नजर
विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद अब सरकार की ओर से छात्र आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर उठाए जाने वाले अगले कदम पर नजर रहेगी। खासतौर पर परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों की मांगों को लेकर सरकार का रुख आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।




