रांची, 10 अगस्त 2026 : झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को सियासी गतिविधियां भी तेज हो गईं। मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए पहुंचे बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत बीजेपी के कई विधायक और कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को रांची के खेलगांव ले जाया है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, छात्र आंदोलन और उनकी मांगों के समर्थन में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत भाजपा के कई विधायक और अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए विधायक विधानसभा नहीं पहुंच सके

भाजपा नेताओं की हिरासत का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा। पार्टी के कई विधायक हिरासत में होने के कारण विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हो सके। प्रदेश भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

खेलगांव में रखे गए भाजपा नेता

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रांची के खेलगांव ले जाया गया है। फिलहाल बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू व अन्य नेताओं को वहीं रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए गए नेताओं को शाम तक खेलगांव में रखा जा सकता है। हालांकि, उन्हें कितनी देर तक हिरासत में रखा जाएगा, इसे लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी सुरक्षा

झारखंड में छात्र आंदोलन के कारण रांची में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। विधानसभा घेराव को देखते हुए शहर के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। आंदोलनकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

छात्र आंदोलन ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

छात्रों के आंदोलन के बीच भाजपा के मुख्यमंत्री आवास घेराव ने झारखंड की राजनीति को और गरमा दिया है। एक ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं, वहीं बीजेपी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत की कोई नई पहल होती है या आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है।