चेन्नई, 21 अगस्त 2026 : तमिलनाडु विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विपक्षी खेमे के बीच तीखी राजनीतिक बहस हुई। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री की मेज पर रखी भ्रष्टाचार से जुड़ी तीन फाइलों को सार्वजनिक करने और उनके आधार पर कार्रवाई करने की मांग की। उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से कहा कि अगर सरकार के पास इन मामलों से जुड़े दस्तावेज और सबूत हैं तो उन्हें सामने लाया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि इन फाइलों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। इस दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों को विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश भी दिया।
सरकार ने कहा- सबूत मौजूद, समय आने पर होगी कार्रवाई
विपक्ष के आरोपों पर मंत्री एन आनंद ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संबंधित मामलों से जुड़े पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और उचित समय आने पर कानून के मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेते। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले प्रशासनिक प्रक्रिया और अधिकारियों के साथ औपचारिक विचार-विमर्श के बाद लिए जाते हैं। अध्यक्ष ने सदन के सदस्यों से फिल्मी संवाद या ‘पंच डायलॉग’ से बचने की अपील भी की।
सरकारी गाड़ियों के प्रस्ताव पर भी विवाद
तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके के सभी 59 विधायक सरकारी गाड़ियां स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सुझाव दिया कि यदि यह सुविधा दी जानी है तो इसे जरूरतमंद विधायकों तक सीमित रखा जाना चाहिए। सत्ता पक्ष ने हालांकि प्रस्ताव का बचाव करते हुए इसे जनप्रतिनिधियों के कामकाज के लिए जरूरी सुविधा बताया।
विधानसभा की लाइव स्ट्रीमिंग पर भी बहस
सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि लाइव प्रसारण के कारण विधानसभा की कार्यवाही सोशल मीडिया की एडिटेड क्लिप और रील्स का हिस्सा बन रही है। वहीं मंत्री आधव अर्जुन ने लाइव प्रसारण को सरकार की पारदर्शिता से जोड़ते हुए कहा कि जनता को विधानसभा की कार्यवाही और सरकार के कामकाज को देखने का अधिकार है। तमिलनाडु विधानसभा में भ्रष्टाचार की तीन फाइलों से शुरू हुआ यह विवाद सरकारी खर्च, विधायकों की सुविधाओं और सदन की लाइव स्ट्रीमिंग जैसे मुद्दों तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में इन कथित फाइलों को लेकर सरकार व विपक्ष में सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।




