चेन्नई, 17 अगस्त 2026 : तमिलनाडु सरकार ने किसानों के लिए फसल कर्जमाफी योजना का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि सहकारी बैंकों से लिए गए ₹75 हजार तक के फसल कर्ज को पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, ₹75 हजार से ₹1 लाख तक के कर्ज पर अधिकतम ₹75 हजार की माफी मिलेगी। राज्य सरकार के इस फैसले से राज्य के 13.34 लाख किसानों को लाभ मिलने की बात कही गई है। इस योजना पर कुल खर्च बढ़कर ₹6,220 करोड़ हो गया है।

₹75 हजार तक का पूरा कर्ज होगा माफ

मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि जिन किसानों ने सहकारी बैंकों से ₹75 हजार तक का फसल ऋण लिया है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। इसके अलावा ₹75 हजार से ₹1 लाख तक के कर्ज वाले किसानों को अधिकतम ₹75 हजार तक की राहत दी जाएगी। सरकार के मुताबिक, इस बदलाव से 2,38,264 किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

₹1 लाख से ज्यादा के कर्ज पर भी राहत

राज्य सरकार ने ₹1 लाख से अधिक के फसल कर्ज के लिए भी राहत का प्रावधान किया है। ऐसे किसानों को ₹35 हजार की तय कर्जमाफी दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत योजना में अतिरिक्त ₹953.06 करोड़ जोड़े गए हैं। इसके बाद फसल कर्जमाफी योजना का कुल वित्तीय आकार बढ़कर ₹6,220 करोड़ हो गया है।

13.34 लाख किसानों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्यभर के 13.34 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे। 31 जुलाई तक सरकार की ओर से ₹5,267 करोड़ की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का कहना है कि किसानों की आय और खेती से जुड़ी आर्थिक चुनौतियों को कम करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

सत्ता संभालने के 15 दिन बाद शुरू हुई थी योजना

मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि सरकार बनने के करीब 15 दिन के भीतर 25 मई को किसानों के लिए शुरुआती कर्जमाफी योजना लागू की गई थी। उस समय ₹50 हजार तक के फसल कर्ज को माफ करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद किसान संगठनों के साथ बातचीत के बाद 19 जून को योजना का दायरा बढ़ाया गया। अब सरकार ने फिर कर्जमाफी की सीमा बढ़ाने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री विजय ने किसानों को बताया ‘जीवनरेखा’

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आजीविका की रक्षा करना, उनके कर्ज का बोझ कम करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की भलाई के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और गांवों में लोगों की रोजी-रोटी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है।