नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में संभावित Cabinet Expansion को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव में युवा चेहरों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले कुछ मंत्रियों को हटाकर मंत्रिमंडल में नई पीढ़ी को जगह देने की संभावना जताई जा रही है।
युवा चेहरों पर मोदी सरकार का फोकस
संभावित कैबिनेट विस्तार में Youth Representation बढ़ाने पर खास जोर दिया जा सकता है। मौजूदा मंत्रिमंडल में 50 वर्ष से कम उम्र वाले मंत्रियों की संख्या सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, इनकी हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किए जाने की योजना पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा 40 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल इस आयु वर्ग में भी केवल कुछ मंत्री ही हैं और आने वाले बदलाव में कई नए युवा चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
मोदी सरकार के संभावित विस्तार में Women Representation भी अहम मुद्दा हो सकता है। वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिमंडल में सात महिला मंत्री हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 12 किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस कदम को महिलाओं को राजनीतिक और शासन व्यवस्था में अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
70+ उम्र वाले मंत्रियों पर क्या होगा फैसला ?
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा 70 साल से अधिक उम्र वाले मंत्रियों को लेकर है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा मंत्रिमंडल में 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 12 मंत्री हैं। इनमें से लगभग एक चौथाई मंत्रियों को हटाकर संगठन और सरकार में नई जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना जताई गई है। साथ ही मंत्रिमंडल में 51 वर्ष से अधिक उम्र वाले मंत्रियों की हिस्सेदारी भी कम करने की योजना बताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
सहयोगी दलों को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व
संभावित Modi Cabinet Expansion 2026 में एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। सरकार में नए सहयोगियों को प्रतिनिधित्व देने और अलग-अलग राज्यों के राजनीतिक समीकरण साधने पर भी विचार किया जा रहा है। खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों का चयन किया जा सकता है।
दो सितंबर के बाद तस्वीर हो सकती है साफ
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया दौरे से लौटने के बाद कैबिनेट विस्तार की योजना को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री के 2 सितंबर को लौटने के बाद इस दिशा में महत्वपूर्ण फैसले हो सकते हैं। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से संभावित मंत्रियों के नाम या कैबिनेट विस्तार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
क्यों अहम है संभावित कैबिनेट विस्तार ?
अगर यह बदलाव होता है तो मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में Youth + Women + Alliance Representation का नया संतुलन देखने को मिल सकता है। वरिष्ठ मंत्रियों की संख्या घटाकर युवा चेहरों को आगे लाने से सरकार के कामकाज और आगामी चुनावी रणनीति दोनों पर इसका असर पड़ सकता है।




