नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026 : देशभर के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और पेयजल व्यवस्था को लेकर CAG की एक रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक जांच के दौरान कुछ रेलवे स्टेशनों के पानी के सैंपल में E. Coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्टेशनों पर शौचालय, यूरिनल, पानी के नल और बैठने जैसी जरूरी यात्री सुविधाएं भी तय मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। इस बड़ा सवाल खड़ा करता है।
512 रेलवे स्टेशनों की हुई जांच
CAG ने देशभर के 512 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की स्थिति का ऑडिट किया। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 2022-23 में 8 रेलवे जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में नौ जोन के 56 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म के नलों और वाटर कूलर से पानी के सैंपल लिए गए। जांच में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी कई तरह के सवाल उठे। कुछ सैंपल में E. Coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने की बात रिपोर्ट में सामने आई है, जो चौंकाने वाले है और यात्रियों के लिए खतरनाक हैं।
89% रेलवे स्टेशनों पर जरूरी सुविधाओं की कमी
CAG की रिपोर्ट के अनुसार जांच किए गए 512 स्टेशनों में से 458 स्टेशनों यानी करीब 89% पर न्यूनतम यात्री सुविधाएं तय मानकों के अनुरूप नहीं थीं। सिर्फ 54 रेलवे स्टेशन ऐसे मिले, जहां इन जरूरी सुविधाओं में कोई बड़ी कमी नहीं पाई गई। यह आंकड़ा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बड़े रेलवे स्टेशन भी सुविधाओं में पीछे
रिपोर्ट में देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया गया है। इनमें नई दिल्ली, हावड़ा, सियालदह, मुंबई सेंट्रल और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे बड़े स्टेशन भी शामिल हैं। इन स्टेशनों पर बैठने की व्यवस्था, शौचालय और कूड़ेदान जैसी जरूरी सुविधाओं में कमियां साफ-साफ सामने आईं।
201 स्टेशनों पर शौचालयों की कमी
CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, 201 रेलवे स्टेशनों पर शौचालय तय मानकों के मुकाबले कम पाए गए। वहीं 403 स्टेशनों पर यूरिनल की संख्या मानक से कम थी। पानी की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार, 2,035 स्टेशनों पर पानी के नलों की संख्या निर्धारित मानक से कम थी।
पानी में मिले E. Coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया
रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता भी CAG के ऑडिट का अहम हिस्सा रही। रिपोर्ट में कुछ स्टेशनों के पानी के सैंपल में E. Coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने की बात कही गई है। E. Coli की कुछ किस्में दूषित पानी या भोजन के जरिए बीमारी का कारण बन सकती हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की नियमित गुणवत्ता जांच अहम हो जाती है।
CAG ने रेलवे को दी पानी की नियमित जांच की सलाह
रिपोर्ट के बाद CAG ने रेलवे को स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल की नियमित जांच सुनिश्चित करने की सलाह दी है। खास तौर पर वाटर कूलर और सार्वजनिक नलों से मिलने वाले पानी की गुणवत्ता की निगरानी पर जोर दिया गया है।
अब 20 हजार जगहों पर लगेगा नया फिल्टर सिस्टम
CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे की ओर से पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे करीब 20 हजार स्थानों पर नया ‘टैंक टू टैप’ फिल्टर सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा पुरानी पानी की टंकियों को बदलने और पानी की नियमित जांच करने की भी तैयारी है।
यात्रियों की सुविधाओं पर अब बढ़ेगा फोकस
CAG की रिपोर्ट ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर एक बड़ी तस्वीर सामने रखी है। पेयजल से लेकर शौचालय और यूरिनल तक कई स्तरों पर कमियां सामने आई हैं। अब रेलवे के सामने इन कमियों को दूर करने के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की चुनौती है। नए फिल्टर सिस्टम और नियमित जांच से यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की उम्मीद है।




