नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026 : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार तारीफ और दक्षिण एशिया में परमाणु तनाव को लेकर दिए गए बयानों पर भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंवल सिब्बल ने पाकिस्तान की परमाणु बयानबाजी को गंभीर और खतरनाक बताते हुए अमेरिका के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। पूर्व विदेश सचिव ने कहा है कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के परमाणु बयानबाजी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुप्पी बहुत ही खतरनाक है।
ट्रंप की तारीफ पर कंवल सिब्बल का तंज
कंवल सिब्बल ने शहबाज शरीफ की ट्रंप की लगातार तारीफ को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ट्रंप को वही बातें बता रहे हैं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति सुनना पसंद करते हैं।पूर्व विदेश सचिव सिब्बल के मुताबिक, पीएम शहबाज शरीफ ट्रंप से राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए उनकी लगातार प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रवैये को लेकर कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि किसी मुद्दे पर कब रुकना है।
शहबाज ने परमाणु तबाही टलने का श्रेय ट्रंप को दिया
शहबाज शरीफ ने हालिया बयान में दक्षिण एशिया में परमाणु तबाही टलने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया। उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनके निर्णायक रुख से क्षेत्र में संभावित बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली और लाखों लोगों की जान बची। शहबाज ने अपने बयान में ट्रंप के नेतृत्व को दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अहम बताया।
परमाणु बयानबाजी पर ट्रंप की चुप्पी को लेकर सवाल
कंवल सिब्बल ने शहबाज शरीफ के बयान के दूसरे पहलू पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े संकेतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कंवल सिब्बल ने सवाल उठाया कि ऐसे बयानों के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
सिब्बल बोले- अमेरिका का रवैया गैर-जिम्मेदार
पूर्व विदेश सचिव ने पाकिस्तान की परमाणु बयानबाजी को लेकर अमेरिका के रुख को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उनका कहना है कि परमाणु हथियारों से जुड़े आक्रामक बयानों को नजरअंदाज करना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत-पाकिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में परमाणु हथियारों से जुड़ी किसी भी बयानबाजी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सऊदी अरब और तुर्किये के साथ रक्षा समझौते का भी जिक्र
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब और तुर्किये के साथ हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया और ट्रंप के समर्थन के लिए आभार जताया। वहीं, अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने भी तीनों देशों के बीच हुए समझौते को महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस बीच कंवल सिब्बल की टिप्पणी के बाद पाकिस्तान की परमाणु बयानबाजी और अमेरिका के रुख को लेकर बहस तेज हो गई है।




