नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश की आर्थिक यात्रा और पिछले वर्षों में हुए बदलावों का जिक्र किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत को दुनिया की ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पीएम मोदी ने इस बदलाव को देशवासियों के प्रयासों और आर्थिक सुधारों का परिणाम बताया। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को भी दोहराया।
क्या है ‘फ्रैजाइल फाइव’?
Fragile Five शब्द का इस्तेमाल पहली बार वैश्विक निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने 2013 में किया था। इस सूची में उन पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया था, जिन्हें बाहरी वित्तीय झटकों के प्रति अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील माना जाता था। उस समय इस समूह में भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की शामिल थे। इन देशों को लेकर चिंता मुख्य रूप से विदेशी पूंजी पर निर्भरता और वैश्विक बाजार में अचानक होने वाले बदलावों के असर से जुड़ी थी।
भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में क्यों रखा गया था ?
2013 के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही थी। देश में महंगाई ऊंची थी और चालू खाते का घाटा चिंता का विषय था। इसके अलावा रुपये पर दबाव और विदेशी पूंजी पर निर्भरता ने आर्थिक जोखिम बढ़ा दिया था। ऐसे माहौल में अगर वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर होता या विदेशी पूंजी का प्रवाह अचानक कम होता, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता था। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में शामिल किया गया था।
2014 में भारत इस सूची से बाहर हुआ
भारत 2014 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ की सूची से बाहर निकल गया। इसके पीछे देश की बाहरी आर्थिक स्थिति में सुधार, विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती और व्यापक आर्थिक संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन जैसे कारणों को महत्वपूर्ण माना गया। इसके बाद भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर भी धारणा में बदलाव देखने को मिला।
PM मोदी ने लाल किले से क्यों किया इसका जिक्र ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने पिछले 12 वर्षों में लंबा सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि कभी भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता था, जबकि आज देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पीएम मोदी ने इस बदलाव को 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, क्षमता और संकल्प से जोड़ते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य दोहराया।
रक्षा उत्पादन में चार गुना बढ़ोतरी का दावा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति के कई आंकड़े भी गिनाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि हुई है। आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में भी 21 गुना बढ़ोतरी का दावा किया गया। प्रधानमंत्री ने इन उपलब्धियों को भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता से जोड़ा।
डिजिटल इंडिया में भी बड़ा बदलाव
पीएम मोदी ने डिजिटल क्षेत्र में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब चार गुना बढ़ी है, जबकि डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का अगला बड़ा लक्ष्य 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना है। उन्होंने कहा कि देश ने अब अपनी दिशा तय कर ली है और आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास के साथ मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और डिजिटल क्षेत्र में भी तेजी लाने की जरूरत है।




