नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026 : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेषों को जापान से भारत लाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। टोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेष रखे होने की बात कही जाती है। अनीता बोस फाफ लंबे समय से इन अवशेषों को भारत लाने और नेताजी की मृत्यु से जुड़े सवालों का वैज्ञानिक तरीके से समाधान किए जाने की मांग करती रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनीता बोस फाफ की याचिका पर सुनवाई की। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने अदालत के सामने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले पर जवाब मांगा है।

क्या है अनीता बोस फाफ की मांग ?

अनीता बोस फाफ की मांग है कि जापान के टोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में रखे नेताजी के कथित अवशेषों को भारत लाया जाए। वह पहले भी इन अवशेषों की पहचान को लेकर DNA जांच की मांग कर चुकी हैं। उनका मानना है कि वैज्ञानिक जांच के जरिए नेताजी की मृत्यु को लेकर लंबे समय से चली आ रही अटकलों और सवालों का समाधान किया जा सकता है।

रेनकोजी मंदिर में रखे हैं कथित अवशेष

टोक्यो के रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अवशेषों के तौर पर बताया जाता है। हालांकि, नेताजी की मृत्यु और इन अवशेषों की पहचान को लेकर दशकों से अलग-अलग दावे और चर्चाएं होती रही हैं। अनीता बोस फाफ इन अवशेषों को भारत लाकर नेताजी को अंतिम सम्मान देने की इच्छा जाहिर करती रही हैं।

नेताजी की मौत को लेकर क्या है आधिकारिक मान्यता ?

आधिकारिक तौर पर लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 1945 में ताइवान में एक विमान दुर्घटना के बाद मृत्यु हुई थी। हालांकि, उनकी मृत्यु को लेकर कई वैकल्पिक दावे भी सामने आते रहे हैं। कुछ लोगों का मानना रहा है कि नेताजी विमान दुर्घटना में नहीं मरे थे और उन्होंने बाद में गुमनाम जीवन बिताया। हालांकि, इन दावों को लेकर कोई सर्वमान्य आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में होगी मामले की आगे सुनवाई

अनीता बोस फाफ की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी होने के बाद अब मामले में सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा। सुप्रीम कोर्ट के सामने नेताजी के कथित अवशेषों को भारत लाने और उनसे जुड़े वैज्ञानिक परीक्षण की मांग पर आगे सुनवाई होगी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से जुड़ा यह मामला दशकों से देश के सबसे चर्चित ऐतिहासिक रहस्यों में शामिल रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर एक बार फिर देशभर में चर्चा तेज होने की संभावना है।