नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026 : भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा एक बार फिर तनाव की वजह बनता दिख रहा है। सितंबर में दिल्ली में होने वाले BRICS Summit के आउटरीच सत्र में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शामिल होने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत की ओर से निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद तारिक रहमान के दिल्ली दौरे की संभावना कम हो गई है। हालांकि बांग्लादेश की सरकार ने अभी तक प्रधानमंत्री तारिक रहमान के दिल्ली नहीं आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ढाका की ओर से कहा गया है कि दौरे पर अभी विचार किया जा रहा है। वहीं, बांग्लादेशी सत्ता के करीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि तारिक रहमान ने दिल्ली नहीं जाने का मन करीब-करीब बना लिया है।
‘हसीना कार्ड खेलकर दोस्ती नहीं हो सकती’
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भारत को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अगर शेख हसीना को अपनी जमीन से बांग्लादेश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति देता है, तो दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंध बनाए रखना मुश्किल होगा। अहमद ने कहा कि भारत को ‘हसीना कार्ड’ खेलना बंद करना होगा। उनका कहना है कि बांग्लादेश भारत के साथ ऐसा संबंध चाहता है, जो आपसी निर्भरता और एक-दूसरे की संप्रभुता के सम्मान पर आधारित हो।
BRICS Summit के लिए तारिक रहमान को कब मिला था न्योता ?
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर तारिक रहमान को BRICS के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। यह निमंत्रण 14 जुलाई को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को भेजे गए राजनयिक पत्र के जरिए दिया गया था। BRICS के आउटरीच कार्यक्रम में आम तौर पर सदस्य देशों के अलावा चुनिंदा गैर-सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है।
दिल्ली में क्यों बढ़ी बांग्लादेश की नाराजगी ?
भारत और बांग्लादेश के बीच शेख हसीना का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। हाल में दिल्ली में शेख हसीना की राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया से बातचीत को लेकर ढाका ने नाराजगी जताई। बांग्लादेश सरकार का आरोप है कि भारत की जमीन से हसीना को राजनीतिक गतिविधियां करने का अवसर दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बांग्लादेशी सरकार भारत पर दबाव बढ़ाती नजर आ रही है।
बांग्लादेश ने भारत से क्या मांग की ?
बांग्लादेशी गृह मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली को शेख हसीना को बांग्लादेश के खिलाफ राजनीतिक बयान देने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। ढाका का तर्क है कि भारत के साथ संबंध आपसी सम्मान, संप्रभुता और समानता के आधार पर होने चाहिए। बांग्लादेश का कहना है कि एक तरफ दोस्ताना रिश्तों की बात और दूसरी ओर हसीना को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं।
क्या तारिक रहमान सच में नहीं आएंगे दिल्ली ?
फिलहाल इस सवाल का आधिकारिक जवाब नहीं आया है। बांग्लादेश सरकार ने तारिक रहमान के BRICS आउटरीच सत्र में शामिल नहीं होने की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि हालिया घटनाक्रम के बाद दिल्ली यात्रा की संभावना काफी कम हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि ढाका आधिकारिक तौर पर तारिक रहमान के BRICS कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर क्या फैसला करता है।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों के सामने नई चुनौती
शेख हसीना के भारत में रहने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं। अब BRICS Summit के निमंत्रण और हसीना के मुद्दे ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। अगर तारिक रहमान BRICS के आउटरीच सत्र से दूरी बनाते हैं, तो इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते राजनीतिक तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम स्थिति बांग्लादेश की सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।




