बंगलूरू, 19 अगस्त 2026 : कर्नाटक में नकली दवाओं के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) के ड्रग एनफोर्समेंट विंग ने बेंगलुरु के बिदादी इलाके में एक फार्महाउस पर छापेमारी कर ₹4.91 करोड़ से अधिक कीमत की नकली दवाएं जब्त की हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक्सपायर दवाओं का स्टॉक, नकली लेबल, पैकेजिंग सामग्री और दवा भरने वाली मशीनरी भी बरामद हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, फार्महाउस में बिना लाइसेंस दवाओं की रीपैकेजिंग और रीलेबलिंग की जा रही थी। आरोप है कि दूसरे राज्यों से कम कीमत वाली दवाएं मंगाकर उन्हें नई शीशियों में पैक किया जाता था और महंगे विदेशी या बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ब्रांड जैसा लेबल लगाकर बाजार में उतारने की तैयारी थी।

सस्ती दवाओं को बनाया जा रहा था महंगे ब्रांड जैसा

कर्नाटक FDA के अधिकारियों के अनुसार, 18 अगस्त को इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद टीम ने बिदादी के कुरुबाराकेरेनाहल्ली स्थित फार्महाउस की जांच की। जांच में पता चला कि यहां सस्ती दवाओं को दूसरी पैकेजिंग में भरकर उन पर ऐसे लेबल लगाए जा रहे थे, जिससे वे महंगी ब्रांडेड और आयातित दवाओं जैसी दिखाई दें। FDA के अधिकारियों ने बताया कि जब्त उत्पादों पर लगे कुछ स्कैनिंग कोड भी काम नहीं कर रहे थे। FDA के कमिश्नर श्रीनिवास के. ने कहा कि नकली दवाओं में जरूरी औषधीय सामग्री नहीं हो सकती या उनमें गलत और हानिकारक पदार्थ मौजूद हो सकते हैं। ऐसे उत्पाद मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

₹4.91 करोड़ से ज्यादा की दवाएं और मशीनरी बरामद

छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद की गईं। इनमें Cefiavigent 2.5 इंजेक्शन की 5,640 शीशियां, Hizlam इंजेक्शन की 1,531 शीशियां, Xavitaz इंजेक्शन की 470 शीशियां और Emblaveo की 264 शीशियां शामिल हैं। इसके अलावा एक्सपायर दवाओं के 30 बॉक्स, पैकेजिंग सामग्री, इंजेक्शन भरने की मशीनरी और नकली लेबल भी मिले हैं। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹4,91,49,575 बताई गई है।

मरीजों की सेहत पर मंडरा रहा था खतरा

अधिकारियों ने बताया कि नकली दवाओं को असली और महंगे ब्रांड के तौर पर बाजार में बेचने की कोशिश मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। खास तौर पर एक्सपायर दवाओं की बरामदगी ने चिंता बढ़ा दी है। FDA ने जब्त दवाओं के बैच नंबर और संबंधित रिकॉर्ड को अपने पोर्टल पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि इनकी आगे बिक्री या सप्लाई रोकी जा सके।

दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए

जब्त दवाओं के नमूनों को रासायनिक संरचना, स्टेरिलिटी और प्रभावशीलता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कार्रवाई की जा रही है। नकली दवाओं से जुड़े मामलों में कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है।

पुलिस में शिकायत दर्ज, आरोपियों की तलाश

FDA ने मामले में तवारेकेरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस और नियामक एजेंसियां मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। फार्महाउस में दवाओं की सप्लाई, रीपैकेजिंग और वितरण से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और लैब रिपोर्ट से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।