नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर युवाओं से खास अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि युवा अपने परिवार के साथ बैठकर जनगणना से जुड़ी जानकारी सही तरीके से भरने में सहयोग करें। उन्होंने युवाओं से इसके लिए करीब एक से दो घंटे का समय देने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना का डेटा केवल लोगों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आधार पर सरकार की नीतियां और विकास योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

जनगणना में युवाओं की बड़ी भूमिका, पीएम मोदी ने मांगा समय

प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं। परिवार के सभी सदस्यों के साथ बैठकर मांगी गई जानकारी को ध्यान से भरें, ताकि सरकारी रिकॉर्ड में सही आंकड़े दर्ज हो सकें। सरकार की ओर से जारी प्रश्नावली में परिवार और व्यक्ति से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल हैं।

पहली बार इन जानकारियों से जुड़े सवाल

आगामी जनगणना में कुछ ऐसी जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी, जो पिछली जनगणनाओं में नहीं ली गई थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रश्नावली में मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मतदाता पहचान संख्या, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियों से जुड़े सवाल शामिल हैं। इसके अलावा बैंक खातों की संख्या से संबंधित विवरण भी मांगा जा सकता है।

जाति की भी होगी गिनती

जनगणना 2027 की एक बड़ी खासियत जाति-वार आंकड़ों का संग्रह भी है। आजादी के बाद पहली बार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की जानकारी भी जनगणना में दर्ज करने का फैसला किया गया है। सरकार के मुताबिक, इससे देश की सामाजिक संरचना से जुड़े आंकड़े सामने आएंगे और भविष्य की नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है।

जनगणना में पूछे जाएंगे ये सवाल

जनगणना की प्रश्नावली में कई व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारियों से जुड़े सवाल शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से : वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, जीवनसाथी का नाम, राष्ट्रीयता, माता-पिता से जुड़ी जानकारी, दिव्यांगता की स्थिति, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता शामिल हैं।

सेल्फ-एन्यूमरेशन की मिलेगी सुविधा

जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। देश के अधिकांश हिस्सों में घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ-एन्यूमरेशन यानी खुद जानकारी भरने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।

जनगणना का डेटा क्यों है इतना अहम ?

पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना से मिलने वाला डेटा देश के विकास का रोडमैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाओं और नीतियों को बेहतर तरीके से तैयार कर सकती है।

जनगणना की जानकारी रहेगी गोपनीय

सरकार के मुताबिक जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा। सार्वजनिक रूप से व्यक्तिगत विवरण जारी करने के बजाय अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर समेकित आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।

जनगणना 2027 के लिए ₹11,718 करोड़ मंजूर

जनगणना की पूरी प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार ने 11,718 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 में प्रस्तावित जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण टाल दिया गया था।