नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026 : 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि जाति जनगणना की प्रश्नावली में OBC के लिए अलग कॉलम नहीं रखा गया है, जिससे अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी के सही आंकड़े दर्ज करने में काफी परेशानी हो सकती है। पार्टी ने इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। कांग्रेस के OBC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि OBC को जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों में सही तरीके से दर्ज नहीं करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे OBC समाज को काफी नुकसान हो सकता है और उनकी गिनती में भी गड़बड़ी हो सकती है।
OBC के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अनिल जयहिंद ने कहा कि जनगणना प्रश्नावली में OBC के लिए अलग कॉलम नहीं होना चिंता का विषय है। उनका दावा है कि इससे देश में OBC समुदाय की वास्तविक आबादी का वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से आकलन नहीं हो पाएगा। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए केंद्र की मोदी सरकार की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया ‘गहरी साजिश’ का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कथित तौर पर एक ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिससे OBC समुदाय को सरकारी आंकड़ों से बाहर रखने का रास्ता आसानी से बन सकता है। अनिल जयहिंद ने कहा कि जाति जनगणना का उद्देश्य देश में विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक स्थिति और आबादी का आंकड़ा सामने लाना होना चाहिए, जबकि सरकार उलटा काम कर रही है।
14 अगस्त के नोटिफिकेशन का दिया हवाला
कांग्रेस ने 14 अगस्त 2026 को जारी जनगणना संबंधी नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि प्रश्नावली के 10वें सवाल में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़ी जानकारी मांगी गई है, लेकिन OBC के लिए अलग कॉलम का उल्लेख नहीं है। कांग्रेस नेता का कहना है कि इससे OBC की आबादी के सही आंकड़े जुटाने को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस ने कहा- जातियों की सही पहचान जरूरी
कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने भी जाति जनगणना में जातियों की सही पहचान और रिकॉर्डिंग की जरूरत बताई। उनका कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जातियों की मौजूदगी और पहचान अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में जनगणना के दौरान जातियों को दर्ज करने की प्रक्रिया स्पष्ट और व्यापक होनी चाहिए।
2027 की जनगणना में क्या होगा ?
14 अगस्त 2026 को भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय की ओर से जनसंख्या जनगणना के लिए 40 सवालों वाली प्रश्नावली का नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें 10वां सवाल SC/ST से संबंधित है। वहीं 2027 की जनगणना में जाति से जुड़ा डेटा जुटाना एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
पहली बार SC/ST के अलावा अन्य जातियों की भी होगी गणना
आजादी के बाद पहली बार जनगणना में SC और ST के अलावा अन्य जातियों की गणना किए जाने की बात सामने आई है। इससे जाति आधारित आंकड़ों को लेकर एकबार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। 2011 की जनगणना में 29 सवाल थे, जबकि 2027 की जनगणना के दूसरे चरण में 40 सवाल पूछे जाएंगे। इससे गणना में भी काफी दिक्कत हो सकती है।
जाति जनगणना को लेकर बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
OBC के लिए अलग कॉलम को लेकर कांग्रेस के आरोप के बाद जाति जनगणना एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। अब सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।




