लखनऊ, 11 अगस्त 2026 : उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (HLEC) ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना में ₹600 करोड़ से अधिक के निवेश की योजना है। BEL की यह इकाई रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीक के निर्माण पर केंद्रित होगी। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद चित्रकूट को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
चित्रकूट में बनेगी आधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई
उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई HLEC की बैठक में BEL के चित्रकूट नोड से जुड़े निवेश प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। समिति ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंपनी को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। प्रस्ताव के अनुसार, परियोजना में शुरुआती स्तर पर करीब ₹562.5 करोड़ का निवेश किया जाना है। भविष्य की रक्षा परियोजनाओं को शामिल करने के बाद कुल निवेश ₹600 करोड़ से अधिक पहुंचने की संभावना है।
QRSAM और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बनेगी सुविधा
प्रस्तावित इकाई में अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें QRSAM, कुशा एयर डिफेंस सिस्टम और नेक्स्ट जेनरेशन रडार सिस्टम जैसी परियोजनाओं से जुड़ी विनिर्माण गतिविधियां शामिल होंगी। इसके अलावा यहां एक समर्पित MRO यानी Maintenance, Repair & Overhaul सुविधा विकसित करने की भी योजना है। इससे रक्षा उपकरणों के रखरखाव और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
75 हेक्टेयर जमीन पहले ही आवंटित
चित्रकूट में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत विकसित किए जा रहे नोड में BEL को पहले ही 75 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BEL के CMD को भूमि आवंटन से संबंधित पत्र सौंपा था। अब HLEC की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की ओर से BEL को औपचारिक ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किया जाएगा।
बुंदेलखंड में 300 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद
BEL की इस परियोजना से बुंदेलखंड के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना से 300 से अधिक प्रत्यक्ष उच्च-कुशल रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र से जुड़े MSME, सहायक इकाइयों और स्थानीय उद्योगों को भी इसका लाभ मिल सकता है। बड़ी रक्षा परियोजना आने से सप्लाई चेन, तकनीकी सेवाओं और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
चित्रकूट बनेगा रक्षा उत्पादन का नया हब
भौगोलिक स्थिति और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिहाज से चित्रकूट को रक्षा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण स्थान माना जा रहा है। BEL का निवेश इस नोड के लिए एंकर इन्वेस्टमेंट की भूमिका निभा सकता है। इससे रक्षा विनिर्माण से जुड़ी निजी कंपनियों और MSME इकाइयों के लिए भी चित्रकूट में निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं। इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को मिलेगी मजबूती
BEL की प्रस्तावित परियोजना देश में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है। इसके जरिए उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की कोशिशों को भी बल मिलेगा। यूपीडा इस परियोजना के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा और BEL को उत्तर प्रदेश की संबंधित औद्योगिक नीति के तहत पात्र प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
क्या है खास ? चित्रकूट में BEL की अत्याधुनिक रक्षा इकाई प्रस्तावित
₹600 करोड़ से अधिक का कुल निवेश
शुरुआती निवेश करीब ₹562.5 करोड़
QRSAM और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी विनिर्माण सुविधाएं
नेक्स्ट जेनरेशन रडार के लिए उत्पादन क्षमता
MRO सुविधा विकसित करने की योजना
300 से अधिक प्रत्यक्ष उच्च-कुशल रोजगार की संभावना
MSME और स्थानीय उद्योगों को भी मिल सकता है फायदा
चित्रकूट को रक्षा उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम




