मुंबई, 17 अगस्त 2026 : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल खत्म हो गया है। इस बीच छात्रों ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए टाइपिंग टेस्ट दोबारा कराने की मांग की है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर कंप्यूटर, कीबोर्ड और सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्याएं आईं, जिसके कारण कई उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके।

टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी खामी से भड़के छात्र

रविवार को बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट के दौरान कई उम्मीदवारों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत की। अभ्यर्थियों के मुताबिक, कुछ केंद्रों पर कंप्यूटर स्क्रीन में दिक्कत आई, वहीं कई जगहों पर कीबोर्ड ने काम करना बंद कर दिया। छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण वे अपना टाइपिंग टेस्ट पूरा नहीं कर पाए और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया।

1,300 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर और औरंगाबाद बेंच के तहत 1,300 क्लर्क पदों पर भर्ती के लिए यह टाइपिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। पूरे महाराष्ट्र से करीब 13,000 उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पात्र बताए गए थे। वहीं छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के करीब 2,900 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे।

किन केंद्रों पर आई तकनीकी परेशानी ?

बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, परीक्षा मुख्य रूप से सुचारू रूप से आयोजित हुई। औरंगाबाद और कल्याण समेत कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं की रिपोर्ट मिली है। प्रशासन का कहना है कि इन तकनीकी खामियों की जांच एजेंसी के स्तर पर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।

छात्रों की सबसे बड़ी मांग क्या है?

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि तकनीकी गड़बड़ियों से प्रभावित टाइपिंग टेस्ट दोबारा आयोजित किया जाए। छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा किसी बाहरी एजेंसी के बजाय सीधे बॉम्बे हाई कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।

प्रशासन को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने रविवार देर रात अपना आंदोलन फिलहाल समाप्त कर दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों ने प्रशासन को एक सप्ताह यानी 7 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि अगर इस अवधि में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला नहीं लिया गया, तो वे पूरे महाराष्ट्र में बड़े आंदोलन की शुरुआत कर सकते हैं।

‘कंप्यूटर और कीबोर्ड ने काम नहीं किया’

प्रदर्शन में शामिल अभिजीत दिपके ने परीक्षा की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसे सिस्टम की विफलता बताया। छात्रों का आरोप है कि कंप्यूटर, कीबोर्ड और सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें परीक्षा पूरी करने का उचित मौका नहीं मिला। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन उम्मीदवारों की गलती नहीं थी, उन्हें तकनीकी खामी के कारण असफल घोषित किया जाना उचित नहीं है।

तीन सत्रों में आयोजित हुई थी परीक्षा

क्लर्क भर्ती की टाइपिंग परीक्षा तीन सत्रों में आयोजित की गई थी। छात्रों का दावा है कि तकनीकी समस्याओं से प्रभावित कई अभ्यर्थी अपना टेस्ट पूरा नहीं कर सके। फिलहाल प्रशासन की जांच और अगले फैसले पर उम्मीदवारों की नजर है। यदि सात दिनों में उनकी मांग पर फैसला नहीं होता है, तो आंदोलन फिर से शुरू होने की चेतावनी दी गई है।