नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026 : नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आने वाली आत्मकथा को लेकर भावुक संदेश साझा किया है। सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ नवंबर में प्रकाशित होने वाली है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी मां की कहानी उन लाखों लोगों तक पहुंचेगी, जो उन्हें प्यार करते हैं। राहुल गांधी ने अपने संदेश में अपनी मां के संघर्ष और राजीव गांधी के निधन के बाद उनके जीवन की कठिनाइयों को याद किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि सोनिया गांधी ने हर चुनौती का सामना साहस और गरिमा के साथ किया।
राजीव गांधी की जयंती पर राहुल का भावुक संदेश
राजीव गांधी की जयंती के मौके पर राहुल गांधी ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें और अपने पिता को आखिरी बार 35 साल से भी अधिक समय पहले साथ देखा था। राहुल गांधी के मुताबिक, पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी मां को जिंदगी की मुश्किल परिस्थितियों का मजबूती से सामना करते देखा। राहुल गांधी ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें लगता है कि “पापा ऊपर से मुस्कुरा रहे होंगे और अपनी खूबसूरत सोनिया को गर्व से देख रहे होंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी ने अपने निजी जीवन को हमेशा सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा है। ऐसे में उनके लिए अपनी जिंदगी की कहानी दुनिया के सामने रखना इतना आसान नहीं रहा होगा।
नवंबर में प्रकाशित होगी सोनिया गांधी की किताब
सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ 10 नवंबर को प्रकाशित होने की घोषणा की गई है। अमेरिकी प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस की इम्प्रिंट Alfred A. Knopf इसे प्रकाशित करेगी। हालांकि, भारत में किताब के प्रकाशन की तारीख की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किताब में सोनिया गांधी के इटली के बचपन, राजीव गांधी से मुलाकात और प्रेम, भारत आने, गांधी परिवार में प्रवेश और राजनीति में आने से जुड़े कई व्यक्तिगत अनुभव शामिल होंगे।
राजीव गांधी से पहली मुलाकात की कहानी भी होगी
आत्मकथा की कहानी इंग्लैंड के कैम्ब्रिज से शुरू होती है। वर्ष 1965 में 19 वर्षीय सोनिया मैनो की मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। किताब में दोनों की प्रेम कहानी और विवाह के बाद भारत में सोनिया गांधी के शुरुआती जीवन का भी जिक्र किया गया है। सोनिया गांधी यह भी बताएंगी कि उन्होंने किस तरह भारतीय जीवनशैली को अपनाया, हिंदी सीखी और गांधी परिवार का हिस्सा बनीं।
इंदिरा गांधी और संजय गांधी से जुड़े प्रसंग
आत्मकथा में सोनिया गांधी अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ अपने संबंधों को याद करेंगी। इसके अलावा संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत और बाद में इंदिरा गांधी की हत्या जैसी घटनाओं का भी जिक्र किताब में होने की बात कही गई है। इन घटनाओं ने सोनिया गांधी के निजी जीवन पर गहरा असर डाला और आगे चलकर उनके राजनीतिक सफर की दिशा भी प्रभावित की।
2004 में प्रधानमंत्री पद ठुकराने का भी जिक्र
सोनिया गांधी की आत्मकथा में 2004 का राजनीतिक घटनाक्रम भी अहम हिस्सा होगा। कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना थी, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया। किताब में इस महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय के पीछे की परिस्थितियों और उनके अनुभवों को भी सामने रखा जाएगा।
छह दशकों के भारत की कहानी भी बताएंगी सोनिया
सोनिया गांधी की आत्मकथा केवल उनके निजी जीवन तक सीमित नहीं होगी। इसमें पिछले करीब छह दशकों में भारत में हुए सामाजिक और आर्थिक बदलावों को भी उनके व्यक्तिगत अनुभवों के नजरिए से पेश किया जाएगा। सोनिया गांधी ने कहा है कि अपने जीवन के बारे में लिखना उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, इसका मतलब उन भावनाओं और अनुभवों को सार्वजनिक करना था, जिन्हें उन्होंने वर्षों से अपने भीतर संभालकर रखा था।




