नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 : अगस्त का आखिरी सप्ताह खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बेहद खास होने वाला है। 27-28 अगस्त 2026 को एक दुर्लभ आंशिक चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा। ग्रहण के चरम पर चांद लाल या गहरे लाल रंग में दिखाई दे सकता है, जिसे आमतौर पर Blood Moon कहा जाता है।

कैसे होता है चंद्र ग्रहण ?

चंद्र ग्रहण उस समय होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। पूर्ण चंद्र ग्रहण में चांद पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाता है, जबकि आंशिक चंद्र ग्रहण में उसका कुछ हिस्सा ही छाया में आता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह गायब नहीं होता। पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरकर सूर्य की कुछ लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है, जिसके कारण वह लाल या तांबे जैसे रंग में नजर आ सकता है।

96% तक ढक जाएगा चांद

27-28 अगस्त की इस खगोलीय घटना के दौरान ग्रहण अपने चरम पर पहुंचने पर चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया में होगा। यही वजह है कि इस ग्रहण को बेहद आकर्षक खगोलीय घटनाओं में गिना जा रहा है। इसका नजारा उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। अलग-अलग स्थानों पर ग्रहण की दृश्यता और इसकी अवधि अलग हो सकती है।

भारत में नहीं दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

भारत के लिए इस खगोलीय घटना की खास बात यह है कि 27-28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारतीय उपमहाद्वीप से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के दौरान भारत में दिन का समय रहेगा, जबकि चंद्र ग्रहण को देखने के लिए उस समय चांद का आसमान में होना जरूरी है। इसलिए भारत में रहने वाले लोग इस बार इस दुर्लभ चंद्र ग्रहण का प्रत्यक्ष नजारा नहीं देख पाएंगे।

बिना खास चश्मे के देख सकते हैं चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित माना जाता है। इसे देखने के लिए विशेष सोलर फिल्टर या चश्मे की जरूरत नहीं होती। हालांकि, बेहतर अनुभव के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्यों खास है यह खगोलीय घटना ?

चांद का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया में आने और उसके लाल रंग में दिखाई देने की संभावना इस घटना को खास बनाती है। हालांकि भारत में इसका नजारा नहीं मिलेगा, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में आसमान पर इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखा जा सकेगा।