इस्लामाबाद, 20 अगस्त 2026 : पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने गुरुवार को डिफेंस फोर्सेज एक्ट 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई संघीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव के साथ नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी गई है। सरकार के मुताबिक, नए कानून का उद्देश्य पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) पद के लिए कानूनी और प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मसौदा अब संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जाएगा।
CDF पद के लिए बनेगा कानूनी ढांचा
पाकिस्तान में संवैधानिक बदलाव के बाद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का नया पद बनाया गया है। फील्ड मार्शल असीम मुनीर पाकिस्तान के पहले CDF हैं। नए डिफेंस फोर्सेज एक्ट के जरिए CDF के कार्यालय, प्रशासनिक व्यवस्था और कमांड स्ट्रक्चर से जुड़े प्रावधानों को कानूनी रूप देने की कोशिश की जा रही है। सरकारी एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक, कानून का प्रमुख उद्देश्य CDF के पद से जुड़े आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों को तय करना है।
असीम मुनीर के पास सेना प्रमुख और CDF दोनों पद
फील्ड मार्शल असीम मुनीर फिलहाल पाकिस्तान के सेना प्रमुख होने के साथ-साथ चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज भी हैं। ऐसे में नए कानून के बाद पाकिस्तान के सैन्य कमांड ढांचे में उनका पद और अधिक केंद्रीय हो सकता है। नए कानून में CDF मुख्यालय के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए जाने हैं।
नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट में भी बदलाव
कैबिनेट ने National Command Authority Act 2010 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह संस्था पाकिस्तान की रणनीतिक और परमाणु कमांड व्यवस्था से जुड़ी हुई है। इस संशोधन के जरिए नए सैन्य कमांड ढांचे के अनुरूप मौजूदा कानूनी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
27वें संविधान संशोधन के बाद आया कदम
पाकिस्तान सरकार का यह कदम देश में किए गए 27वें संविधान संशोधन के बाद सामने आया है। इसी संवैधानिक बदलाव के बाद CDF के पद को लेकर नई व्यवस्था बनाई गई। अब सरकार संसद के जरिए इसके लिए विस्तृत कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
संसद की मंजूरी के बाद लागू होगी नई व्यवस्था
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद डिफेंस फोर्सेज एक्ट 2026 का मसौदा संसद में पेश किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून आगे लागू होने की प्रक्रिया में जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत समेत क्षेत्र के अन्य देशों की भी नजर है, क्योंकि पाकिस्तान के सैन्य कमांड ढांचे में होने वाला यह बदलाव देश की सुरक्षा और रणनीतिक व्यवस्था पर असर डाल सकता है।




