नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026 : केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों को बड़ी राहत देते हुए वहां जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। केंद्र सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से लद्दाख के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय और कानूनी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। लोगों को कानूनी मामलों के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम पड़ेगी और समय की भी बचत होगी।

अमित शाह ने फैसले को बताया महत्वपूर्ण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से क्षेत्र के नागरिकों को न्याय तक पहुंचने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को उन कानूनी सेवाओं का लाभ कम समय में मिल सकेगा, जिसके वे हकदार हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास और संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दूरदराज के लोगों को सबसे बड़ा फायदा

लद्दाख का भौगोलिक क्षेत्र काफी दुर्गम और विस्तृत है। ऐसे में न्यायिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करना स्थानीय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। सरकार के मुताबिक, हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था से लोगों को कानूनी मामलों की सुनवाई और अन्य हाईकोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए बेहतर स्थानीय पहुंच मिलने की उम्मीद है।

न्याय व्यवस्था तक पहुंच होगी आसान

केंद्र के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य लद्दाख में न्यायिक सेवाओं को लोगों के और करीब लाना है। सरकार का मानना है कि हाईकोर्ट की बेंच से समय, यात्रा और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियां कम होंगी। अमित शाह ने फैसले के जरिए एक बार फिर लद्दाख के विकास और वहां के नागरिकों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।