डायबिटीज और रक्तदान को लेकर क्या है सच?
नई दिल्ली: डायबिटीज (Diabetes) को लेकर आम धारणा है कि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता, लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि मरीज की स्थिति नियंत्रित (well controlled) है, तो वह सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है।
किन मरीजों को मिलता है रक्तदान का मौका?
भारत सहित कई देशों के ब्लड डोनेशन गाइडलाइंस के अनुसार, टाइप-1 या टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज रक्तदान कर सकते हैं, बशर्ते उनकी स्थिति स्थिर हो। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मरीज जो इंसुलिन पर निर्भर नहीं हैं और केवल डाइट या ओरल दवाओं से शुगर कंट्रोल कर रहे हैं, वे योग्य माने जाते हैं। साथ ही उनका ब्लड शुगर सामान्य सीमा में होना चाहिए और कोई गंभीर जटिलता (जैसे किडनी, हार्ट या नसों की बीमारी) नहीं होनी चाहिए।
भारत के रक्तदान दिशानिर्देशों के अनुसार भी नियंत्रित डायबिटीज वाले व्यक्ति को दान की अनुमति दी जाती है, लेकिन इंसुलिन लेने वाले मरीजों या गंभीर जटिलताओं वाले मरीजों को आमतौर पर अस्थायी या स्थायी रूप से अस्वीकार किया जा सकता है।
किन परिस्थितियों में रक्तदान नहीं करना चाहिए?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि मरीज का ब्लड शुगर अनियंत्रित हो, हाल ही में कोई गंभीर बीमारी हुई हो, कमजोरी महसूस हो रही हो या कोई संक्रमण हो, तो रक्तदान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जिन मरीजों में डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं जैसे न्यूरोपैथी, किडनी फेल्योर या हृदय रोग मौजूद हों, उन्हें रक्तदान से बचने की सलाह दी जाती है।
रक्तदान से पहले और बाद में सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान से पहले पर्याप्त भोजन, पानी और आराम जरूरी है। डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल की जांच करवानी चाहिए। रक्तदान के बाद शरीर में हल्की कमजोरी हो सकती है, इसलिए आराम और तरल पदार्थों का सेवन आवश्यक माना जाता है।
निष्कर्ष
डायबिटीज होना रक्तदान के लिए पूर्ण बाधा नहीं है। यदि मरीज की स्थिति नियंत्रित है और डॉक्टर द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करता है, तो वह सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। सही जानकारी और सावधानी के साथ डायबिटीज मरीज भी इस जीवनदायी प्रक्रिया में योगदान दे सकते हैं।
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क्या डायबिटीज़ के मरीज रक्तदान कर सकते हैं? डॉक्टरों ने बताया किन परिस्थितियों में ब्लड डोनेशन सुरक्षित है
डायबिटीज मरीजों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि वे रक्तदान कर सकते हैं या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियंत्रित शुगर लेवल और सही स्वास्थ्य स्थिति में मरीज सुरक्षित रूप से ब्लड डोनेट कर सकते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में सावधानी जरूरी है।

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