इस्लामाबाद, 21 अक्टूबर 2026 : मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया है। पीएम शहबाज शरीफ ने इसे अंतरराष्ट्रीय विवाद बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का हवाला दिया। हालांकि बयान में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की ओर से कश्मीर पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान-मालदीव के बीच द्विपक्षीय वार्ता
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। यह एक दशक से अधिक समय बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय संपर्क है। 21 अक्टूबर को इस्लामाबाद में मुइज्जू और शहबाज शरीफ के बीच आधिकारिक वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
दो साल में 200 मिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य
पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, दोनों देशों ने अगले दो वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने पर सहमति जताई है। पाकिस्तान के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 13.4 मिलियन डॉलर है। बातचीत में निवेश, खाद्य सुरक्षा, दवाइयों, पर्यटन और समुद्री संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
शहबाज शरीफ ने कश्मीर पर क्या कहा ?
इस बैठक के बाद पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। शरीफ ने फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन के लिए मालदीव की भी सराहना की और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति, स्थिरता, बातचीत और आर्थिक सहयोग का समर्थन करता है।
मुइज्जू की ओर से कश्मीर पर प्रतिक्रिया नहीं
उपलब्ध बयानों में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की ओर से कश्मीर मुद्दे पर कोई स्पष्ट टिप्पणी दर्ज नहीं है। इसलिए उनकी चुप्पी को पाकिस्तान के रुख का समर्थन मानना उचित नहीं होगा। यात्रा के प्रमुख घोषित उद्देश्यों में दोनों देशों के बीच आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना शामिल है।मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा के दौरान व्यापार और सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, वहीं शहबाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दा उठाकर पाकिस्तान का रुख दोहराया। इस मुद्दे पर मालदीव के राष्ट्रपति की ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।




