काबुल, 19 अगस्त 2026 : भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों के बीच काबुल से एक भारतीय नागरिक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। वीडियो में भारतीय नागरिक काबुल में तिरंगा फहराते और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत बनाए रखने की बात कही।
काबुल में मनाया स्वतंत्रता दिवस
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में भारतीय नागरिक एक अफगान यूट्यूबर से बातचीत करते दिखाई देते हैं। भारतीय नागरिक ने बताया कि उन्होंने काबुल में तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस जमकर मनाया। उन्होंने कहा कि वह अपने भाई के साथ अफगानिस्तान में घूम रहे हैं और उन्हें यहां लोगों से काफी अपनापन मिला है। भारतीय नागरिक ने अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां घूमने के दौरान बहुत अच्छा अनुभव मिला और भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती हमेशा मजबूत बनी रहनी चाहिए।
भारत-अफगानिस्तान दोस्ती की चर्चा
वीडियो को अफगान नागरिक फजल अफगान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। पोस्ट के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती दोस्ती की सराहना की। वीडियो में भारतीय नागरिक ने अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर भी सकारात्मक उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि देश में प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों की काफी संभावनाएं हैं तथा यहां कारोबार करने वालों के लिए भविष्य में अवसर बढ़ सकते हैं।
अफगानिस्तान ने भारत से मजबूत रिश्तों पर दिया जोर
भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल के समय में राजनीतिक व आर्थिक संबंधों को लेकर गतिविधियां कीफी बढ़ गई हैं। अफगानिस्तान के भारत प्रभारी राजदूत नूर अहमद नूर ने भी दोनों देशों के बीच मजबूत राजनीतिक भरोसे और आर्थिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और काबुल के बीच संबंधों की निरंतरता से दोनों देशों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि को भी काफी फायदा हो सकता है।
दिल्ली में पहली बार ‘विक्ट्री डे’ कार्यक्रम
तालिबान के अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद दिल्ली में पहली बार अफगानिस्तान की ओर से ‘विक्ट्री डे’ से जुड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भारत-अफगानिस्तान संबंधों और अफगान विदेश नीति पर चर्चा हुई। हालांकि भारत ने अभी तक आधिकारिक तौर पर तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग के स्तर पर गतिविधियां जारी हैं।




