तेल अवीव, 22 अगस्त 2026 : इजरायल में भारतीय केयरगिवर राजीव आचार्य की हत्या के बाद वहां रह रहे भारतीय कामगारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय समुदाय ने मामले में निष्पक्ष जांच, दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और विदेशी कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। भारतीय नागरिक राजीव आचार्य यरूशलम में एक बुजुर्ग दंपती की देखभाल का काम करते थे। भारतीय दूतावास के मुताबिक 23 जुलाई को बुजुर्ग दंपती के घर पर हुए हिंसक हमले में उनकी मौत हो गई थी। इजरायली अधिकारियों ने इस मामले में एविओर जाकेन के खिलाफ आरोप तय किए हैं। जाकेन उसी बुजुर्ग दंपती का पोता बताया गया है, जिनके घर राजीव काम करते थे। इस मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़ी परिस्थितियों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

भारतीय कामगारों ने उठाई सुरक्षा की मांग

राजीव आचार्य की मौत के बाद इजरायल में रहने वाले भारतीय कामगारों ने सरकार से विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। खास चिंता केयरगिवर के तौर पर काम करने वाले भारतीयों को लेकर है। ऐसे कामगार अक्सर निजी घरों में रहते और काम करते हैं। कई मामलों में उनका कामकाजी वातावरण उनके पारंपरिक सपोर्ट नेटवर्क से दूर होता है। भारतीय समुदाय का कहना है कि ऐसे मामलों में नियोक्ता और कामगार के बीच शक्ति संतुलन, आपात स्थिति में सहायता और शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

भारतीय दूतावास लगातार इजरायली अधिकारियों के संपर्क में

राजीव आचार्य की मौत के बाद तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने इजरायली अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने की जानकारी दी है। दूतावास की ओर से मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखे जाने की बात कही गई है। भारतीय समुदाय की मांग है कि मामले की पूरी जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। साथ ही राजीव के परिवार के लिए उचित सहायता और मुआवजे की व्यवस्था किए जाने की भी अपील की गई है।

इजरायल में बढ़ी भारतीय कामगारों की संख्या

इजरायल में भारतीय कामगारों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। मई 2023 में भारत और इजरायल के बीच भारतीय श्रमिकों को इजरायल भेजने को लेकर समझौता हुआ था। इसके तहत निर्माण क्षेत्र और केयरगिविंग सेक्टर में भारतीय कामगारों के लिए अवसर बढ़े। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत हजारों भारतीय कामगार इजरायल पहुंचे। फरवरी 2026 में हुए नए समझौतों के बाद आने वाले वर्षों में भारतीय श्रमिकों की संख्या और बढ़ने का अनुमान भी सामने आया है।

कामगारों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

इजरायल में भारतीय समुदाय के लिए राजीव आचार्य की हत्या सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विदेशी कामगारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल भी बन गई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे किसी विशेष कारण या व्यापक पैटर्न का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि राजीव आचार्य की हत्या की पूरी सच्चाई क्या है और क्या इजरायल में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ?भारतीय समुदाय की नजर अब जांच की प्रगति और इजरायली प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।